बारां: स्वामी विवेकानंद पार्क में 17 हरे-भरे पेड़ काटे, जिम्मेदार अधिकारी अनजान
बारां के स्वामी विवेकानंद पार्क में 17 हरे-भरे पेड़ों की अवैध कटाई से हड़कंप मच गया है। 50 साल पुराने पेड़ों को किसने और क्यों काटा? नगर परिषद के जिम्मेदार अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं। जानिए क्या है पूरा मामला।

तस्वीर में स्वामी विवेकानंद पार्क में कटे हुए पेड़ों के ठूंठ और छंटाई किए गए पेड़ दिख रहे हैं।
बारां के कोटा रोड स्थित स्वामी विवेकानंद पार्क में हरियालो राजस्थान अभियान की धज्जियां उड़ाते हुए 17 बड़े और हरे-भरे वृक्षों को कुल्हाड़ी से काट डाला गया। जहां एक ओर राज्य सरकार वृक्षारोपण अभियान चला रही है, वहीं दूसरी ओर शहर के बीचों-बीच स्थित इस पार्क में सरेआम पेड़ों की बलि दिए जाने से पर्यावरण प्रेमियों में भारी आक्रोश है। आश्चर्य की बात यह है कि एक सप्ताह तक चली इस कटाई के बावजूद नगर परिषद के जिम्मेदार अधिकारियों को इसकी जानकारी नहीं है।
जब बारां व्यापार महासंघ के अध्यक्ष योगेश कुमरा बाटा सहित अन्य प्रबुद्ध नागरिकों ने नगर परिषद में पदस्थ एईएन मानसिंह मीणा से इस संबंध में पूछताछ की, तो उन्होंने अनभिज्ञता जताते हुए कहा कि यह मामला सीमा मैडम के अधिकार क्षेत्र में आता है। वहीं, जब सीमा से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने भी जानकारी होने से इनकार करते हुए सारा जिम्मा एक्सईएन पर डाल दिया। इसके बाद जब एक्सईएन भुवनेश मीणा से जवाब मांगा गया, तो उन्होंने भी पता नहीं कहकर पल्ला झाड़ लिया।
स्थानीय लोगों ने जब पार्क के चौकीदार से काटे गए पेड़ों के ठिकाने के बारे में पूछा, तो उसने बताया कि सभी लकड़ियां टाल पर भेज दी गई हैं। काटे गए 17 पेड़ों में से अधिकांश की उम्र 50 वर्ष से अधिक थी। इस घटना पर बारां व्यापार महासंघ के अध्यक्ष योगेश कुमरा बाटा, उद्योगपति विष्णु साबू, भारत तिब्बत सहयोग मंच के प्रांतीय प्रचार प्रमुख राजेंद्र शर्मा, ललित कुमार चांंदवाड, राजकुमार जैन, ओमप्रकाश अदलक्खा, रामबाबू शर्मा, हेमराज बंसल, कमलेश बंसल, परमानंद सोनी और ओम प्रकाश नंदवाना आदि ने कड़ी निंदा की है। नागरिकों का कहना है कि शाहाबाद सहित जिले के अन्य जंगलों में भी लगातार सफाई की जा रही है, जो भविष्य में पर्यावरण संतुलन के लिए बड़ा खतरा है। इस पूरे मामले को लेकर प्रबुद्ध नागरिकों ने जिला कलेक्टर को फोटो सहित शिकायत प्रेषित कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।

Rajendra Sharma, Baran
नाम: राजेंद्र शर्मा
वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)
कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर
परिचय
राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
- राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
- राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
- दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
- दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
- दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
- अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।
