बारां: नेशनल हाईवे-27 पर गति सीमा बोर्ड गायब, वाहन चालकों पर 'अदृश्य' नियमों की मार और भारी-भरकम चालान
बारां में नेशनल हाईवे-27 पर गति सीमा बोर्ड न होने से वाहन चालकों पर कट रहे बेवजह ऑनलाइन चालान ने आक्रोश पैदा कर दिया है। राजस्थान दुकानदार महासंघ के ललितमोहन खण्डेलवाल और अन्य पदाधिकारियों ने एनएचएआई से बोर्ड लगाने तक चालान बंद करने की मांग की है। चेतावनी दी गई है कि समस्या का समाधान न होने पर व्यापारी हाईवे पर बड़ा आंदोलन करेंगे।

बारां। विकास की रफ्तार जब प्रशासनिक अनदेखी की भेंट चढ़ जाए, तो खामियाजा आम आदमी की जेब को भुगतना पड़ता है। कुछ ऐसा ही मंजर इन दिनों बारां जिले से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-27 पर देखने को मिल रहा है। कोटा से शाहबाद तक फैले इस लंबे-चौड़े हाईवे पर सफर करना अब वाहन मालिकों के लिए किसी आर्थिक मुसीबत से कम नहीं रह गया है। नियमानुसार हर 10 किलोमीटर पर गति सीमा के संकेतक (साइन बोर्ड) होने अनिवार्य हैं, लेकिन इस मार्ग पर इन संकेतकों का नामोनिशान तक नहीं है। नतीजतन, वाहन चालक अनजाने में निर्धारित सीमा से अधिक गति पर वाहन चला रहे हैं और उनके पास सीधे भारी-भरकम ऑनलाइन चालान पहुंच रहे हैं, जिसे लेकर अब जन-आक्रोश सुलगने लगा है।
राजस्थान दुकानदार महासंघ ने इस मुद्दे को लेकर कड़ा रुख अख्तियार किया है। जिलाध्यक्ष ललितमोहन खण्डेलवाल के नेतृत्व में देवकीनन्दन बंसल, विमल बंसल, पीयूष गर्ग, भानू पोरवाल और नरेन्द्र बत्रा सहित व्यापारिक जगत के दिग्गजों ने इस व्यवस्था पर गहरा रोष जताया है। महासंघ के पदाधिकारियों यशभानु जैन, आंनन्द बंसल, हेमराज गोयल, कमलेश विजय, सुरेश गोयल, विनोद गर्ग, अनुराग जैन, कन्हैयालाल चित्तौड़ा, मनोज बाठला, नरेश खंडेलवाल और राहुल कुमरा ने संयुक्त रूप से बताया कि पिछले एक माह से हाईवे पर ऑनलाइन जुर्माने की बाढ़ सी आ गई है। प्रशासन और नेशनल हाईवे अथॉरिटी (NHAI) नियमों का हवाला देकर वसूली तो कर रहे हैं, लेकिन उन नियमों की जानकारी देने वाले बोर्ड लगाना भूल गए हैं।
कानूनी और तकनीकी दृष्टि से देखें तो किसी भी राजमार्ग पर चालान काटने से पहले वाहन चालक को वहां की निर्धारित गति सीमा से अवगत कराना सड़क विकास प्राधिकरण की प्राथमिक जिम्मेदारी है। संकेतक बोर्ड के अभाव में वाहन चालक को यह पता ही नहीं चल पाता कि उसे किस गति पर वाहन नियंत्रित करना है। व्यापारियों का कहना है कि जब तक एनएचएआई पूरे मार्ग पर प्रत्येक 10 किलोमीटर पर गति सीमा बोर्ड नहीं लगा देती, तब तक इन ऑनलाइन चालानों की प्रक्रिया पर तत्काल प्रभाव से रोक लगानी चाहिए।
यह मुद्दा अब केवल आर्थिक नुकसान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि एक बड़े आंदोलन की आहट दे रहा है। दुकानदार महासंघ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस विसंगति को दूर नहीं किया गया और हाईवे पर सांकेतिक बोर्ड नहीं लगाए गए, तो क्षेत्र के व्यापारी और आम नागरिक राष्ट्रीय राजमार्ग पर उतरकर उग्र प्रदर्शन और आंदोलन करने को मजबूर होंगे। फिलहाल, बिना किसी चेतावनी और सूचना के कट रहे ये चालान बारां के वाहन स्वामियों के लिए जी का जंजाल बन गए हैं।

Pratahkal Bureau
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