बारां: श्री सर्राफा संस्थान, बारां के भीतर चल रहे वैचारिक और सांगठनिक मतभेद उस समय चरम पर पहुंच गए जब संस्थान के अध्यक्ष कपिल पोरवाल ने संस्था के विरुद्ध गतिविधियों में लिप्त पाए जाने पर दो प्रमुख सदस्यों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की। अध्यक्ष ने पूर्व अध्यक्ष ललित मोहन खंडेलवाल और व्यापारी गोपाल सोनी की सदस्यता को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। इस कार्रवाई ने बारां के सर्राफा बाजार में हलचल पैदा कर दी है।

संस्थान के मीडिया प्रवक्ता आशीष सोनी ने घटनाक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि यह निर्णय संस्था के नियमों के उल्लंघन और संगठन के विरुद्ध कार्य करने के कारण लिया गया है। अध्यक्ष कपिल पोरवाल ने विस्तार से बताया कि दो वर्ष पूर्व जब चुनाव हुए थे, तब उन्होंने बहुमत से जीत हासिल की थी। इसके उपरांत आमसभा में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर संघ का पंजीकरण सहकारिता विभाग में कराया गया, जिससे 'श्री सर्राफा संघ' का नाम परिवर्तित होकर आधिकारिक रूप से 'श्री सर्राफा संस्थान' हुआ। अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में बारां में केवल यही एक पंजीकृत संस्था कानूनी रूप से मान्य है।

अध्यक्ष ने अपने पिछले दो वर्षों के कार्यकाल को पारदर्शी बताते हुए दावा किया कि उन्होंने पूरी निष्ठा से व्यापारियों के हित में कार्य किए हैं। वहीं, उन्होंने पूर्व अध्यक्ष ललित मोहन खंडेलवाल पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके 20 वर्षों के कार्यकाल में व्यापारियों के लिए कोई ठोस कार्य नहीं किया गया और न ही कभी आय-व्यय का कोई हिसाब दिया गया। उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में यदि कोई भी व्यक्ति संस्था की गरिमा और नियमों के विरुद्ध कार्य करेगा, तो उसके खिलाफ भी कठोर दंडात्मक कदम उठाए जाएंगे।

इस घटना के साथ ही एक अन्य विवाद भी सामने आया है। कुछ व्यापारियों ने आरोप लगाया कि हाल ही में आयोजित एक कार्यक्रम में दाल-बाटी और ताश की आड़ में लोगों को बुलाकर जबरन दबाव में त्याग पत्र लिखवाए गए। कई व्यापारियों ने बताया कि उन्हें बिना पूरी जानकारी दिए हस्ताक्षर करने के लिए कहा गया, जिसका उन्होंने विरोध किया। इस घटनाक्रम की निंदा करने वालों में संरक्षक त्रिलोकचंद सोनी अर्डान, जगदीश सिंघल, हरीश सोनी बिजौरा, राधेश्याम गर्ग, राधेश्याम सोनी जस्टाना समेत 150 से अधिक व्यापारियों ने एक सुर में विरोध दर्ज कराया है। यह विवाद अब बारां के सर्राफा बाजार में चर्चा का मुख्य विषय बन गया है, जो संगठन की एकता पर सवाल खड़े कर रहा है।

Pratahkal Newsroom

Pratahkal Newsroom

प्रातःकाल न्यूज़-रूम, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, समयबद्ध और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा न्यूज़-रूम राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।

Next Story