बारां जिले के शाहबाद क्षेत्र में कलोनी गांव के निकट प्रस्तावित हाइड्रो पावर प्लांट को लेकर स्थानीय नागरिकों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। ग्रीनको एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड, हैदराबाद द्वारा प्रस्तावित इस परियोजना पर राजस्थान हाई कोर्ट, जोधपुर द्वारा पहले ही स्थगन आदेश (स्टे) जारी किया जा चुका है। इसके बावजूद, बीते कुछ दिनों से कंपनी के अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा प्रस्तावित जंगल क्षेत्र में निरंतर गतिविधियां संचालित किए जाने के गंभीर आरोप लग रहे हैं, जिसका कलोनी गांव के निवासियों ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है।

स्थानीय ग्रामीणों और पर्यावरण प्रेमियों का तर्क है कि शाहबाद के सघन वन क्षेत्र की जैव-विविधता, प्राकृतिक जल-स्रोतों और स्थानीय निवासियों की पारंपरिक आजीविका पर इस परियोजना का विनाशकारी प्रभाव पड़ेगा। न्यायालय के स्पष्ट निर्देशों के उपरांत भी कार्यस्थल पर हो रही हलचल को ग्रामीणों ने न केवल कानून की अवहेलना, बल्कि जनभावनाओं का अपमान करार दिया है। इस विरोध के साथ ही कंपनी पर कलोनी गांव के सरकारी विद्यालय के विकास के नाम पर विद्यालय प्रबंधन समिति को दरकिनार कर मनमाने निर्णय लेने का भी आरोप लगा है, जिसे ग्रामीण पारदर्शिता के सिद्धांतों के विपरीत बता रहे हैं।

शाहबाद घाटी संरक्षण संघर्ष समिति के संरक्षक प्रशांत पाटनी और बृजेश विजयवर्गीय ने स्पष्ट रूप से चेतावनी दी है कि कंपनी की अवैधानिक गतिविधियों को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। समिति के पदाधिकारियों भानु गुप्ता और मुकेश सोनी ने जिला प्रशासन से अविलंब हस्तक्षेप कर कोर्ट के आदेश का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करने की मांग की है। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि यदि कंपनी ने तत्काल प्रभाव से जंगल में अपनी गतिविधियां नहीं रोकीं, तो वे सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। इस विवाद ने अब एक व्यापक जन आंदोलन का रूप ले लिया है, जिसमें परियोजना को पूरी तरह निरस्त करने और पर्यावरणीय प्रभावों के स्वतंत्र आकलन को सार्वजनिक करने की मांग जोर पकड़ रही है।

Rajendra Sharma, Baran

Rajendra Sharma, Baran

नाम: राजेंद्र शर्मा

वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)

कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर

परिचय 

राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

  • राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
  • राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
  • दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
  • दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
  • दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
  • अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।

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