बारां। सहरिया आदिवासी अंचल के हृदय स्थल शाहाबाद में आस्था और विकास का एक नया संगम देखने को मिल रहा है। उपखंड मुख्यालय स्थित सुप्रसिद्ध 'गूंगा वाले हनुमान मंदिर' की ओर जाने वाली वह गली, जो दशकों से अपनी बदहाली पर आंसू बहा रही थी, अब प्रशासन और ग्राम पंचायत की सक्रियता से संवरने जा रही है। वर्षों के लंबे इंतजार और क्षेत्रवासियों की निरंतर मांग के बाद, प्रशासन ने इस महत्वपूर्ण मार्ग पर इंटरलॉकिंग सड़क निर्माण का कार्य युद्ध स्तर पर प्रारंभ कर दिया है, जिससे न केवल स्थानीय निवासियों बल्कि दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं में भी हर्ष की लहर है।

यह मार्ग केवल एक गली मात्र नहीं, बल्कि हजारों श्रद्धालुओं की आस्था का पथ है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में भक्त बजरंग बली के दर्शन हेतु इसी ऊबड़-खाबड़ रास्ते से गुजरते हैं। लंबे समय से यह मार्ग जलभराव, कीचड़ और गंदगी का केंद्र बना हुआ था, जिसके कारण राहगीरों को जहरीले जीव-जंतुओं के भय और आवागमन की भारी कठिनाइयों से जूझना पड़ता था। विशेषकर मानसून के दौरान यहाँ की स्थिति नारकीय हो जाती थी। अब इंटरलॉकिंग कार्य शुरू होने से इस क्षेत्र की तस्वीर बदलने लगी है, जो प्रशासन की जनहितकारी प्राथमिकताओं को रेखांकित करता है।

विकास के इस नए अध्याय पर चर्चा करते हुए राजस्थान यूनिवर्सिटी के छात्र और स्थानीय निवासी कुश शर्मा ने सरकार की नीतियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी के सुशासन में विकास के वादे धरातल पर साकार हो रहे हैं। वर्षों से देखा गया पक्की सड़क का सपना अब हकीकत में बदल रहा है। इस ऐतिहासिक कार्य की शुरुआत पर क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, जिनमें शिवनारायण सेन, अरविंद बंसल, ओमी प्रजापत, मोहन, हरीश शर्मा, सुहाना, सपना और विष्णु बंसल शामिल हैं, ने हर्ष व्यक्त किया है।

मंदिर से जुड़े दर्शनार्थियों और स्थानीय नागरिकों ने इस बहुप्रतीक्षित कार्य के लिए प्रशासन और ग्राम पंचायत का आभार जताते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया है। जनजाति बाहुल्य क्षेत्र के जागरूक लोगों का मानना है कि धरातल पर हो रहे इन कार्यों से सरकार के प्रति जनता का विश्वास और अधिक सुदृढ़ हुआ है। यह कायाकल्प न केवल बुनियादी ढांचे में सुधार है, बल्कि शाहाबाद की धार्मिक पर्यटन क्षमता और स्थानीय जीवन स्तर को नई ऊंचाई देने की दिशा में एक प्रभावी कदम भी साबित होगा।

Rajendra Sharma, Baran

Rajendra Sharma, Baran

नाम: राजेंद्र शर्मा

वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)

कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर

परिचय 

राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

  • राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
  • राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
  • दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
  • दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
  • दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
  • अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।

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