बारां: एसडीएम ने गेहूं-चना खरीद केंद्रों का किया औचक निरीक्षण, एफएक्यू मानकों पर बरती सख्ती
उपखण्ड अधिकारी विश्वजीत सिंह ने एफसीआई गोदाम और मंडी में बारदाना स्टॉक व जींस की गुणवत्ता जांची, किसानों के लिए पेयजल व छाया की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बारां में समर्थन मूल्य पर जींस खरीद की प्रक्रिया को पारदर्शी और सुचारू बनाने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। सोमवार को उपखण्ड अधिकारी विश्वजीत सिंह एवं उप रजिस्ट्रार राजेन्द्र कुमार चौहला ने संयुक्त रूप से भारतीय खाद्य निगम (FCI) और कृषि उपज मंडी स्थित गेहूं एवं चना खरीद केंद्रों का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने न केवल बारदाना स्टॉक की उपलब्धता जांची, बल्कि गेहूं की गुणवत्ता को लेकर एफएक्यू (FAQ) मापदण्डों का मौके पर ही सैंपल करवाकर गहनता से परीक्षण किया।
भारतीय खाद्य निगम के प्रबंधक आरसी मीना ने निरीक्षण के दौरान आश्वस्त किया कि विभाग के पास बारदाने की कोई कमी नहीं है और आवंटन के अनुसार सभी केंद्रों को पर्याप्त मात्रा में बारदाना उपलब्ध करवाया जाएगा। हालांकि, गुणवत्ता के मोर्चे पर प्रबंधक मीना ने एक गंभीर तकनीकी पक्ष उजागर किया। उन्होंने मौके पर गेहूं की सैंपलिंग करवाते हुए बताया कि कुछ क्रय केंद्रों से प्राप्त हो रहा गेहूं एफएक्यू मापदण्डों पर खरा नहीं उतर रहा है। एफसीआई गोदाम में जमा होने के लिए आ रहे गेहूं में 'सलाइटली डेमेज ग्रेन' 4 प्रतिशत और 'डेमेज ग्रेन' 2 प्रतिशत की निर्धारित सीमा से अधिक पाया जा रहा है। इस विसंगति में शिथिलता प्रदान करने हेतु विभाग को विधिवत पत्र भी लिखा गया है। प्रबंधन ने यह भी स्पष्ट किया कि खरीद केंद्रों को पूर्व में आवंटित बारदाने का 80 प्रतिशत हिस्सा एफसीआई में पुनः जमा होने के बाद ही नया बारदाना निर्गत किया जाएगा।
निरीक्षण के अगले चरण में एसडीएम विश्वजीत सिंह और उप रजिस्ट्रार ने कृषि उपज मंडी का रुख किया, जहां उन्होंने गेहूं और चना खरीद की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए मौके पर ही जींस के कट्टों का वजन करवाया। एसडीएम ने मंडी परिसर में भीषण गर्मी के दृष्टिगत किसानों के लिए छाया और शीतल पेयजल की व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। उन्होंने मंडी में अपनी उपज बेचने आए किसानों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याओं को सुना और खरीद केंद्र प्रभारियों को दो टूक निर्देश दिए कि किसानों को किसी भी स्तर पर असुविधा नहीं होनी चाहिए। प्रशासन की इस सक्रियता ने स्पष्ट कर दिया है कि सरकारी खरीद प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही या गुणवत्ता से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

Rajendra Sharma, Baran
नाम: राजेंद्र शर्मा
वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)
कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर
परिचय
राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
- राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
- राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
- दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
- दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
- दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
- अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।
