राजस्थान राज्य भारत स्काउट एवं गाइड मुख्यालय, बारां के तत्वावधान में आयोजित ग्रीष्मकालीन कौशल विकास शिविर के अंतर्गत स्काउट जिला मुख्यालय पर एक प्रेरणादायी एवं उद्देश्यपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में युवाओं के सर्वांगीण विकास, आत्मनिर्भरता और कौशल संवर्धन पर विशेष बल दिया गया। विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से प्रशिक्षणार्थियों को नेतृत्व क्षमता, अनुशासन और सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति जागरूक किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उपप्रधान स्काउट एवं गाइड ललित वैष्णव ने अपने संबोधन में कहा कि स्काउट एवं गाइड आंदोलन युवाओं के व्यक्तित्व निर्माण का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कौशल विकास शिविर विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, सेवा भावना, अनुशासन और व्यावहारिक दक्षताओं का विकास करते हैं। वर्तमान प्रतिस्पर्धात्मक दौर में कौशल को सफलता की सबसे महत्वपूर्ण कुंजी बताते हुए उन्होंने कहा कि स्काउट-गाइड गतिविधियां युवाओं को जीवन की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार करती हैं।

कार्यक्रम की अध्यक्षता सर्किल ऑर्गेनाइजर सुनीता मीणा ने की। उन्होंने कहा कि ग्रीष्मकालीन कौशल विकास शिविर विद्यार्थियों की छिपी हुई प्रतिभाओं को पहचानने और उन्हें निखारने का सशक्त मंच प्रदान करते हैं। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम बच्चों में आत्मविश्वास का संचार करते हैं तथा उन्हें समाज और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने शिविर के सफल संचालन में योगदान देने वाले प्रशिक्षकों और आयोजकों की सराहना भी की।

विशिष्ट अतिथि बृज गोविंद टेलर ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में कौशल आधारित शिक्षा की आवश्यकता लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि स्काउट एवं गाइड द्वारा संचालित ऐसे शिविर विद्यार्थियों को तकनीकी और व्यवहारिक ज्ञान देने के साथ-साथ नैतिक मूल्यों, अनुशासन और सेवा भावना से भी जोड़ते हैं। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों से शिविर में अर्जित ज्ञान और अनुभवों को अपने दैनिक जीवन में अपनाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में दक्ष प्रशिक्षक महेश कुमार, मीनाक्षी पोसवाल, मंजुलता मेमरोट, सुनीता सेन, भवानी शंकर नागर, सतीश सिंह, हंसराज नागर, इशिका नागर और प्रवीण वशिष्ठ सहित बड़ी संख्या में प्रशिक्षणार्थी उपस्थित रहे। पूरे कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों में सीखने का उत्साह और नई दक्षताएं अर्जित करने की ललक स्पष्ट रूप से दिखाई दी।

कार्यक्रम का समापन अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए किया गया। साथ ही भविष्य में भी ऐसे रचनात्मक और कौशल आधारित आयोजनों को निरंतर आयोजित करने का संकल्प दोहराया गया। यह आयोजन युवाओं को आत्मनिर्भर, जिम्मेदार और समाजोपयोगी नागरिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया।

Rajendra Sharma, Baran

Rajendra Sharma, Baran

नाम: राजेंद्र शर्मा

वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)

कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर

परिचय 

राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

  • राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
  • राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
  • दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
  • दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
  • दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
  • अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।

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