बारां: स्कूलों में न्यायिक अधिकारी दे रहे साइबर सुरक्षा के टिप्स
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा राजस्थान के 594 स्कूलों में जागरूकता अभियान शुरू, न्यायाधीश सत्यनारायण ने विद्यार्थियों को बताए ठगी से बचाव के उपाय।

राजस्थान में पैर पसारते साइबर अपराधों की कमर तोड़ने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने अब सीधे शैक्षणिक संस्थानों का रुख किया है। बच्चों को बचपन से ही डिजिटल सुरक्षा के प्रति अभेद्य कवच प्रदान करने हेतु संचालित इस विशेष अभियान के तहत न्यायिक अधिकारी स्वयं स्कूलों में पहुंचकर विद्यार्थियों को साइबर ठगी से बचाव के व्यावहारिक मंत्र दे रहे हैं। इसी क्रम में मंगलवार को जिला मुख्यालय स्थित एक विद्यालय में जिला एवं सेशन न्यायाधीश सत्यनारायण ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान डिजिटल युग में साइबर अपराधों की गति अत्यंत तीव्र है, जिसके चलते बच्चों का शुरू से ही सतर्क रहना अनिवार्य है ताकि वे किसी भी प्रकार की ऑनलाइन धोखाधड़ी के जाल में न फंसें।
राज्य सरकार के दिशा-निर्देशों पर प्रदेश के समस्त जिलों में प्रभावी हुए इस जागरूकता अभियान के अंतर्गत मजिस्ट्रेट एवं अन्य न्यायिक अधिकारी स्कूलों में 20 से 60 मिनट की विशेष कक्षाएं ले रहे हैं। इन सत्रों में विद्यार्थियों को स्पष्ट हिदायत दी जा रही है कि वे किसी भी अपरिचित लिंक पर क्लिक न करें, ओटीपी अथवा बैंक संबंधी कोई भी विवरण साझा न करें और सोशल मीडिया पर अपनी निजी जानकारी को पूर्णतः सुरक्षित रखें। कार्यक्रम में साइबर सुरक्षा के "तीन कोणों"—सावधानी, सतर्कता व सुरक्षा—को सफलता का सबसे महत्वपूर्ण आधार बताया गया।
इस अभियान का व्यापक लक्ष्य बच्चों को डिजिटल जगत के अदृश्य खतरों से परिचित कराना और उन्हें सुरक्षित इंटरनेट उपयोग के प्रति संवेदनशील बनाना है। जिला न्यायाधीश सत्यनारायण ने जानकारी दी कि अब तक जिले के 26 विद्यालयों में लगभग 3000 विद्यार्थियों को साइबर अपराधों के विरुद्ध जागरूक किया जा चुका है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव हीना परिहार ने आगामी योजना साझा करते हुए बताया कि जिले के कुल 594 स्कूलों का चयन किया गया है, जहाँ साइबर अपराध रोकथाम के विशेष पाठ पढ़ाए जाएंगे। साथ ही, स्कूलों में विशेष 'शिकायत बॉक्स' भी स्थापित किए जाएंगे, ताकि जो विद्यार्थी अपनी बात कहने में संकोच महसूस करते हैं, वे लिखित परिवाद डाल सकें, जिस पर प्राधिकरण द्वारा त्वरित वैधानिक कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।

Rajendra Sharma, Baran
नाम: राजेंद्र शर्मा
वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)
कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर
परिचय
राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
- राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
- राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
- दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
- दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
- दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
- अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।
