बारां, 27 फरवरी। समस्त सवर्ण समाज एवं जागरूक छात्र संगठन द्वारा पिछले एक पखवाड़े से जिला मुख्यालय के अनेक स्थानों, गली, मोहल्लों, बस्तियों और कॉलोनियों में रहने वाले सवर्ण समाज के लोगों से अपील की जा रही है कि वह यूजीसी के विरोध में किए जा रहे लोकतांत्रिक आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाते हुए सहयोग करें। गली, मोहल्लों, बस्तियों और कॉलोनियों के घर-घर पहुंचकर सवर्ण समाज के लोगों से अपील की जा रही है ताकि आंदोलन को निर्णायक मोड़ दिया जा सके।

जनसंपर्क रणनीति और कार्यकर्ताओं का सक्रिय अभियान

सभी सवर्ण साथियों एवं जागरूक छात्र संगठन के कार्यकर्ताओं द्वारा प्रतिदिन लक्ष्य निर्धारित करते हुए शहर के वार्डों, गलियों, बस्तियों तथा कॉलोनियों में पहुंचकर घर-घर सवर्ण समाज के परिवारों से संपर्क किए जाने का सिलसिला बदस्तूर जारी है, जिन्हें भरपूर समर्थन भी मिल रहा है। भानु पोरवाल, आनंद बंसल और हरिओम अग्रवाल ने बताया कि "यूजीसी के विरोध में चलाए जा रहे अभियान को और अधिक तेज करने हेतु सवर्ण समाज के सभी घटकों से संपर्क किया गया है, परिणामस्वरूप घर-घर जाकर संपर्क किए जाने का सिलसिला भी इस रणनीति का एक हिस्सा है।"

क्षेत्रवार दायित्व और रात्रि कालीन बैठकें

खेमराज सिंह चौहान, हरिशंकर शर्मा, संजय गौतम, कपिल शर्मा व दिनेश बंसल तथा राजीव उपाध्याय ने जानकारी दी कि इस संदर्भ में पिछले सप्ताह की गई बैठकों में जनसंपर्क के लक्ष्य तथा क्षेत्र और दायित्व निर्धारित किए गए थे। इसी योजना के अनुरूप कार्यकर्ताओं द्वारा देर शाम से रात्रि तक सघन संपर्क किया जाता है। आंदोलनकारियों का कहना है कि यह बिल आपस में बांटने वाला बिल है, जिसे सरकार को हर हाल में वापस लेना ही होगा।

भावी रणनीति: महिला और युवा टीमों का होगा गठन

आंदोलन से जुड़े बंकट बिहार गौतम, सुनील शर्मा, निरंजन शर्मा, आलोक भटनागर व विनोद पोरवाल ने बताया कि "यूजीसी के विरोध में किए जाने वाले लोकतांत्रिक आंदोलन में अब आगे की भूमिका के लिए वरिष्ठजनों से चर्चा कर भावी रणनीति निर्मित की जाएगी।" उन्होंने बताया कि वह अब तक शहर के एक दर्जन से अधिक बस्तियों और कॉलोनियों में संपर्क कर चुके हैं, जिसमें उन्हें भारी समर्थन प्राप्त हुआ है।

अब संगठन द्वारा आंदोलन को गति देने के लिए सवर्ण समाज की महिला टीमों का गठन भी किया जाएगा। इसके अलावा, युवाओं में जागृति लाने के लिए विशेष युवा टीम भी बनाई जाएगी जो निर्धारित योजना के अंतर्गत कार्यों को गति देगी। इसी प्रकार से लोकतांत्रिक आंदोलन के लिए जिले भर में संपर्क किया जाएगा ताकि उपखंड और तहसील मुख्यालयों पर भी यूजीसी बिल का विरोध दर्ज करवाया जाए।

Rajendra Sharma, Baran

Rajendra Sharma, Baran

नाम: राजेंद्र शर्मा

वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)

कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर

परिचय 

राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

  • राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
  • राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
  • दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
  • दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
  • दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
  • अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।

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