शोक की घड़ी में कुमरा परिवार की मिसाल, सरोज देवी का हुआ 93वां नेत्रदान
बारां में सरोज देवी कुमरा के निधन के बाद परिवार ने नेत्रदान करवाया। यह जिले का 93वां नेत्रदान है, परिवार ने परंपरा आगे बढ़ाई।

तस्वीर में पारंपरिक साड़ी पहने हुए वरिष्ठ महिला श्रीमती सरोज देवी कुमरा नजर आ रही हैं।
शहर की पंचवटी कॉलोनी निवासी और वरिष्ठ व्यापारी रहे समाजसेवी स्वर्गीय प्रहलाद राय कुमरा की धर्मपत्नी श्रीमती सरोज देवी कुमरा का गुरुवार प्रातः आकस्मिक निधन हो गया। निधन के बाद शोक में डूबे परिवार ने मानव सेवा की मिसाल कायम करते हुए उनका नेत्रदान करवाया। यह बारां जिले का 93वां नेत्रदान है।
दिवंगत सरोज देवी के पुत्र अशोक कुमरा, महेश कुमरा, दामाद शरद परुथी तथा पौत्र विकास, पार्थ, यश कुमरा एवं भरत कुमरा ने परिवार की नेत्रदान परंपरा को आगे बढ़ाते हुए नेत्रदान के लिए सहमति प्रदान की।
नेत्रदान की सूचना योगेश कुमरा एवं संजय बाटला ने भारत विकास परिषद के अध्यक्ष नरेश खंडेलवाल को दी। सूचना मिलने के बाद कोटा से शाइन इंडिया फाउंडेशन की टीम बारां पहुंची और नेत्रदान की प्रक्रिया संपन्न की।
शाइन इंडिया फाउंडेशन के जिला संयोजक हितेश खंडेलवाल ने बताया कि करीब चार वर्ष पूर्व सरोज देवी के पुत्र स्वर्गीय नरेंद्र कुमरा का भी परिवार द्वारा नेत्रदान कराया गया था। उसी प्रेरणा को आगे बढ़ाते हुए परिवार ने सरोज देवी का भी नेत्रदान करवाया और मानव सेवा की इस परंपरा को कायम रखा।
नेत्रदान के दौरान पंजाबी समाज के योगेश कुमरा, मुकेश कुमरा, विनोद अदलखा, पदम पिपलानी, आशीष कुमरा सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे। सदस्यों ने बताया कि पंजाबी समाज नेत्रदान के क्षेत्र में शहर में अग्रणी भूमिका निभा रहा है और समाज ने इसे पुण्य कार्य के रूप में अपनाया है।
भारत विकास परिषद के मनोज गर्ग, कमल अरोड़ा, अजय गुप्ता, राजेंद्र डंग, अंबिका प्रकाश, रमाकांत गुप्ता, दीपक गुप्ता सहित अन्य सदस्यों ने सरोज देवी के नेत्रदान के इस प्रेरणादायी निर्णय के लिए कुमरा परिवार के प्रति आभार व्यक्त किया। शोक की घड़ी में परिवार का यह निर्णय बारां में नेत्रदान की परंपरा को आगे बढ़ाने वाली महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया।

Rajendra Sharma, Baran
नाम: राजेंद्र शर्मा
वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)
कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर
परिचय
राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
- राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
- राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
- दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
- दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
- दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
- अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।
