सेवा शिविरों से आमजन को राहत: मौके पर निस्तारण से योजनाओं का लाभ सीधे जरूरतमंदों तक, बारां में संवेदनशील प्रशासनिक पहल बनी सहारा
बारां जिले में आयोजित ग्रामीण और शहरी सेवा शिविरों ने जरूरतमंदों को मौके पर राहत दी। पेंशन, प्रमाण पत्र, योजनाओं के लाभ और त्वरित प्रशासनिक समाधान के बीच एक परिवार की कहानी बनी संवेदनशील पहल की मिसाल।

बारां, 23 जून। राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी रूप से पहुंचाने के उद्देश्य से जिलेभर में आयोजित ग्रामीण एवं शहरी सेवा शिविर मंगलवार को आमजन के लिए राहत और समाधान का माध्यम बनकर उभरे। विभिन्न विभागों के संयुक्त प्रयास से लगाए गए इन शिविरों में नागरिकों की लंबित समस्याओं का मौके पर निस्तारण किया गया और पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का त्वरित लाभ उपलब्ध कराया गया।
ग्रामीण क्षेत्र में बारां-मंडोला, अंता-बिजोरा, मांगरोल-बोहत, छबड़ा-हान्याहेड़ी, छीपाबड़ौद-मौखमपुरा एवं कचनारियाकलां, अटरू-जिरोद, शाहबाद-खुशियारा, किशनगंज-ख्यावदा तथा बरूनी अटल सेवा केन्द्र पर शिविर आयोजित किए गए। वहीं शहरी क्षेत्र में अंता के वार्ड 13-14, अटरू के वार्ड 9, बारां के वार्ड 17-18, छबड़ा के वार्ड 11 से 15, मांगरोल के वार्ड 11 से 13 तथा सीसवाली के वार्ड 7 के लिए नगरपालिका भवन में शिविर लगाए गए।
इन शिविरों में राजस्व, पंचायतीराज, चिकित्सा, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, सामाजिक न्याय, विद्युत, जलदाय, कृषि और सहकारिता सहित कुल 22 विभागों के काउंटर स्थापित किए गए। यहां पेंशन, पट्टा, जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र, बिजली और पानी कनेक्शन, आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र, मुख्यमंत्री चिरंजीवी योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन तथा अन्य लंबित प्रकरणों का त्वरित समाधान किया गया।
इसी क्रम में ग्राम खुशियारा निवासी द्रोपती बंजारा के परिवार को शिविर के माध्यम से महत्वपूर्ण राहत मिली। पति महावीर की दो माह पूर्व मृत्यु के बाद तीन छोटे बच्चों की जिम्मेदारी संभाल रही द्रोपती आर्थिक संकट से गुजर रही थीं। शिविर में उनकी समस्या सुनने के बाद प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्हें विधवा पेंशन का लाभ प्रदान किया तथा तीनों बच्चों को पालनहार योजना से जोड़ा गया। आधार एवं दस्तावेज सत्यापन के साथ मौके पर ही आवेदन प्रक्रिया पूरी कर प्रकरण स्वीकृत किया गया। इस सहायता से परिवार को सामाजिक सुरक्षा का आधार मिला और बच्चों की शिक्षा व भरण-पोषण को सहारा मिलने का मार्ग प्रशस्त हुआ। इस दौरान शिविर प्रभारी नायब तहसीलदार मोहनलाल पंकज, प्रगति प्रसार अधिकारी दीपक मीणा तथा सामाजिक न्याय विभाग के प्रतिनिधि मामराज उपस्थित रहे।
जिला प्रशासन द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार बुधवार को भी ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में सेवा शिविरों का आयोजन जारी रहेगा। ग्रामीण क्षेत्र में बारां-नारेड़ा, अंता-जयनगर, छबड़ा-कडैयानोहर, छीपाबड़ौद-राई एवं झनझनी, अटरू-कुंजेड़, शाहबाद-देवरी, किशनगंज-बंदाखुर्द तथा खंडेला अटल सेवा केन्द्र में शिविर लगाए जाएंगे। वहीं शहरी क्षेत्र में अंता वार्ड 15-16, अटरू वार्ड 10, बारां वार्ड 19-20, छबड़ा वार्ड 11 से 15, मांगरोल वार्ड 11 से 13 और सीसवाली वार्ड 8 के लिए शिविर आयोजित होंगे। प्रशासन ने नागरिकों से जन आधार कार्ड, आधार कार्ड, राशन कार्ड एवं आवश्यक दस्तावेज साथ लाने की अपील की है।
इधर, विकसित भारत जी राम जी योजना के 1 जुलाई 2026 को प्रस्तावित शुभारम्भ और प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर 25 जून को जिला कलक्टर एवं जिला कार्यक्रम समन्वयक (ईजीएस) बालमुकुंद असावा की अध्यक्षता में मिनी सचिवालय सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक में विभिन्न विभागों की कार्य योजनाओं, स्वीकृत एवं लंबित कार्यों, श्रमिक नियोजन, जियोटैगिंग, पौधारोपण, ग्राम सेवा शिविरों की प्रगति तथा शिकायत निस्तारण सहित कई प्रशासनिक विषयों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी।
वहीं प्रशासनिक कार्रवाई के तहत न्यायालय अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट एवं पीठासीन अधिकारी भंवरलाल जनागल ने राजस्थान गुण्डा नियंत्रण अधिनियम, 1975 की धारा 3 के अंतर्गत हरनावदाशाहजी निवासी राजू पुत्र दुलीचंद गुर्जर को 15 दिनों के लिए जिला बदर करने के आदेश जारी किए हैं। वर्ष 2022 से 2024 के बीच उसके विरुद्ध दर्ज आपराधिक प्रकरणों तथा न्यायालय से सजायाफ्ता होने के आधार पर यह निर्णय लिया गया। आदेशानुसार उसे निर्धारित अवधि के लिए जिला झालावाड़ के पुलिस थाना इकलेरा क्षेत्र में रहने के निर्देश दिए गए हैं।
जिले में आयोजित सेवा शिविरों ने एक बार फिर यह संकेत दिया है कि योजनाओं का प्रभाव तभी सार्थक होता है जब उनका लाभ समय पर और सीधे पात्र नागरिकों तक पहुंचे। प्रशासनिक तत्परता और मौके पर समाधान की यह पहल आमजन के लिए भरोसे का माध्यम बनती दिखाई दे रही है।

Rajendra Sharma, Baran
नाम: राजेंद्र शर्मा
वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)
कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर
परिचय
राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
- राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
- राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
- दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
- दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
- दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
- अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।
