बारां: सड़क हादसे में दो मासूमों की मौत, परिजनों से मिले प्रमोद जैन भाया
नारेडा रोड पर जर्जर सड़क और अवैध खनन के कारण हुए हादसे के बाद अन्ता विधायक और कांग्रेस नेताओं ने पीड़ित परिवार को सांत्वना दी।

बारां के नारेडा रोड पर सड़क हादसे में दो बच्चों की मौत के बाद पीड़ित परिवार के घर सांत्वना देने पहुंचे अन्ता विधायक प्रमोद जैन भाया (सफेद कुर्ते में बाएं) और अन्य कांग्रेस नेता।
राजेंद्र शर्मा, बारां। बारां शहर के नारेडा रोड पर गुरुवार को घटित एक हृदयविदारक सड़क दुर्घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है, जिसमें दो छोटे स्कूली भाई-बहन की असामयिक मृत्यु हो गई। इस दर्दनाक हादसे के बाद क्षेत्र में शोक की लहर व्याप्त है। घटना की सूचना मिलते ही अन्ता विधायक प्रमोद जैन भाया, अन्ता विधानसभा के पीसीसी प्रभारी मेघाराम मीणा एवं कांग्रेस जिलाध्यक्ष हंसराज मीणा सहित अन्य कांग्रेसजन पीड़ित परिवार के निवास पर पहुंचे। उन्होंने शोकाकुल परिजनों को ढांढस बंधाया और इस कठिन समय में संबल प्रदान करते हुए अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
मुलाकात के दौरान मोहल्ले की महिलाओं ने प्रशासन की घोर लापरवाही उजागर करते हुए बताया कि करीब 6 माह पूर्व जिला कलेक्टर को लिखित शिकायत दी गई थी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। पुनः 15 दिन पूर्व नगर परिषद आयुक्त को भी समस्याओं से अवगत कराया गया, किंतु स्थिति जस की तस बनी रही। मोहल्लेवासियों के अनुसार, सड़क मार्ग अत्यंत जर्जर हो चुका है और गहरे गड्ढों के कारण आवागमन दूभर है। इसके अतिरिक्त, मुख्य मार्ग से सटे कई अवैध रास्ते बना लिए गए हैं, जिनसे बालू-रेत और पत्थरों से लदे ट्रैक्टर-ट्रॉली दिन-रात तेज गति से गुजरते हैं। स्थानीय छात्रा प्रिया ने व्यथा साझा करते हुए बताया कि खराब सड़क के कारण अक्सर स्कूल वैन गड्ढों में फंस जाती है और बारिश के दिनों में जूते-चप्पल हाथ में लेकर पैदल स्कूल जाना पड़ता है। यदि प्रशासन समय रहते सचेत होता, तो इन मासूमों को अपनी जान न गंवानी पड़ती।
जनप्रतिनिधियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर स्थिति पर गहरी चिंता जताई और स्पष्ट किया कि अवैध खनन व बदहाल सड़क ही इस भयावह दुर्घटना के मुख्य कारक हैं। उन्होंने बताया कि शिवाजी कॉलोनी स्थित स्कूल से अपनी मां के साथ स्कूटी पर घर लौट रहे बच्चों के साथ बरडिया बालाजी खान के समीप यह हादसा हुआ। राज्य सरकार और जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाते हुए नेताओं ने कहा कि क्षेत्र में लंबे समय से संचालित अवैध खनन और सड़कों की खस्ताहाली किसी से छिपी नहीं है, फिर भी जिम्मेदार विभागों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया।
जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि यादव समाज द्वारा सौंपे गए 7 सूत्रीय मांग पत्र पर त्वरित कार्यवाही की जाए। उन्होंने अवैध खनन पर तत्काल प्रभावी रोक लगाने, क्षतिग्रस्त सड़कों की शीघ्र मरम्मत करने और पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने की मांग की ताकि भविष्य में ऐसे जानलेवा हादसों की पुनरावृत्ति न हो। इस दौरान कांग्रेस सेवादल अध्यक्ष शिवशंकर यादव, समाजसेवी रिंकू यादव, पार्षद नवीन सोन, अर्जुन यादव, राजेन्द्र गहलोत, डीसीसी महासचिव हेमलता सोन, देवेन्द्र यादव एवं मुकेश यादव सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे। यह घटना प्रशासन के प्रति जन-आक्रोश और व्यवस्थागत विफलता का प्रत्यक्ष प्रमाण बनकर उभरी है।

