बारां: ऑनलाइन फार्मेसी के विरोध में 20 मई को केमिस्ट दुकानें खुली रखेंगे, कलेक्टर को ज्ञापन
दवाइयों को अतिआवश्यक सेवा मानते हुए जिला रिटेल केमिस्ट समिति बारां ने बंद से अलग रहने का फैसला किया, काली पट्टी बांधकर जताएंगे विरोध।

बारां जिला कलेक्टर कार्यालय में सोमवार को ऑनलाइन दवा व्यापार पर प्रतिबंध की मांग को लेकर प्रधानमंत्री के नाम जिला कलेक्टर बालमुकुंद असावा (केंद्र में बैठे हुए) को ज्ञापन सौंपते जिला रिटेल केमिस्ट समिति के पदाधिकारी (बाएं से दाएं: जयप्रकाश विजय, हेमंत गुप्ता, धनराज सुमन, लोकेश तिवारी और दाएं खड़े किशन शर्मा)।
राजेंद्र शर्मा, बारां। ऑनलाइन फार्मेसी और ई-फार्मेसी के बढ़ते चलन के खिलाफ देशव्यापी विरोध के बीच राजस्थान के बारां जिले से एक बड़ा नीतिगत फैसला सामने आया है। ऑल इंडिया केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट ऑर्गेनाइजेशन के निर्देशानुसार जिला केमिस्ट एसोसिएशन द्वारा आगामी 20 मई को व्यापार बंद करने का ऐलान किया गया था, लेकिन जिला रिटेल केमिस्ट समिति ने इस बंद में शामिल न होने का निर्णय लिया है। जिला केमिस्ट समिति बारां के सदस्य 20 मई को अपने-अपने व्यावसायिक प्रतिष्ठान पूर्ण रूप से खुले रखेंगे और केवल काली पट्टी बांधकर अपना विरोध दर्ज कराएंगे। इस महत्वपूर्ण निर्णय को लेकर जिला रीटेल समिति बारां के जिलाध्यक्ष लोकेश तिवारी के नेतृत्व में सोमवार को एक प्रतिनिधिमंडल ने देश के प्रधानमंत्री के नाम बारां जिला कलेक्टर बालमुकुंद असावा को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा है। सौंपे गए इस ज्ञापन में ऑनलाइन दवा व्यापार के गंभीर दुष्परिणामों को रेखांकित करते हुए इस पर तत्काल प्रभाव से पूर्ण प्रतिबंध लगाने की पुरजोर मांग की गई है।
इस रणनीतिक और मानवीय फैसले की पृष्ठभूमि रविवार को आयोजित मंडल कार्यकारिणी व आमंत्रित सदस्यों की उच्च स्तरीय बैठक में तैयार की गई। बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी देते हुए जिला केमिस्ट समिति बारां के संरक्षक सौरभ भार्गव एवं कोषाध्यक्ष किशन शर्मा ने संयुक्त रूप से बताया कि ऑनलाइन फार्मेसी के विरोध में जिला रिटेल समिति पूरी तरह साथ खड़ी है, परंतु चूंकि चिकित्सा और दवाइयां अतिआवश्यक सेवाओं की श्रेणी में आती हैं, इसलिए आम जनता को होने वाली भारी असुविधा को देखते हुए यह मानवीय दृष्टिकोण अपनाया गया है। समिति के सचिव धनराज सुमन ने भी इस पर बल देते हुए स्पष्ट किया कि दवा व्यापार को बंद करना विरोध नहीं बल्कि एक तरह से सहयोग की श्रेणी में आ जाएगा, अतः मानवीय आधार पर दुकानों को खुला रखकर केवल काली पट्टी के माध्यम से विरोध का इजहार करना ही सबसे उचित और जनहितैषी रास्ता है। जिला कलेक्टर बालमुकुंद असावा को सौंपे गए ज्ञापन में आधिकारिक तौर पर साफ कर दिया गया है कि बारां जिले के रिटेल केमिस्ट इस प्रस्तावित बंद का हिस्सा नहीं बनेंगे और मरीजों की सुविधा के लिए अपनी दुकानें चालू रखेंगे।
इस पूरे आंदोलन और निर्णय के पीछे गंभीर विधिक एवं सुरक्षात्मक पहलू जुड़े हुए हैं। समिति के अध्यक्ष लोकेश तिवारी ने ऑनलाइन दवा व्यापार पर कड़ा प्रहार करते हुए इसके कानूनी पक्षों को उजागर किया। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन माध्यम से दवाओं की बिक्री होने के कारण बाजार में नकली, घटिया और नशीली दवाइयों के अवैध संचरण की संभावना अत्यधिक बढ़ गई है। हमारा यह पारंपरिक दवा व्यवसाय सीधे तौर पर आम इंसानों के अनमोल स्वास्थ्य और जीवन से जुड़ा हुआ है। ऑनलाइन कंपनियों द्वारा दवाओं पर भारी छूट का प्रलोभन देना और बिना किसी प्रशिक्षित पेशेवर (फार्मासिस्ट) व्यक्तियों की देखरेख के धड़ल्ले से दवाइयों का बेचान करना सीधे तौर पर ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट के नियमों का खुला उल्लंघन है, जिस पर तुरंत रोक लगनी आवश्यक है।
इसके साथ ही, केमिस्ट संगठन के भीतर चल रही अंदरूनी खींचतान और आंतरिक राजनीति का एक बड़ा मामला भी इस घटनाक्रम से उजागर हुआ है। समिति के संरक्षक सौरभ भार्गव ने वर्तमान जिला केमिस्ट एसोसिएशन की वैधानिकता पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए आरोप लगाया कि बारां में जिला केमिस्ट एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कार्यकाल काफी समय पहले ही पूर्ण हो चुका है, परंतु इसके बावजूद चुनाव न कराकर वे सभी अपने पदों पर स्वघोषित रूप से काबिज बैठे हैं। उन्होंने कहा कि ये पदाधिकारी अपना नैतिक व कानूनी अधिकार खो चुके हैं और केवल आम रिटेलर्स में फूट डालने का कुत्सित प्रयास कर रहे हैं। जिला केमिस्ट समिति के पदाधिकारियों ने आशंका जताई है कि 20 मई को घोषित बंद के दौरान उनके उन रिटेल केमिस्ट साथियों की खुली दुकानों को जबरन बंद कराने का प्रयास किया जा सकता है जो इस हड़ताल में शामिल नहीं हैं। इसी संभावित टकराव को देखते हुए समिति ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन के माध्यम से समय रहते सावचेत और आगाह कर दिया है। इस पर संज्ञान लेते हुए जिला कलेक्टर बालमुकुंद असावा ने रिटेल केमिस्ट समिति के पदाधिकारियों को पूरी तरह आश्वस्त किया है कि बंद के दौरान जिले में किसी भी असामाजिक तत्व को सिर उठाने नहीं दिया जाएगा और किसी भी प्रकार की अशांति या जबरदस्ती नहीं होने दी जाएगी। प्रधानमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को यह महत्वपूर्ण ज्ञापन सौंपने वाले इस आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल में समिति के कोषाध्यक्ष किशन शर्मा, संगठन सचिव जयप्रकाश विजय, हेमंत गुप्ता, प्रेम खंडेलवाल व इकबाल हुसैन सहित कई वरिष्ठ केमिस्ट प्रमुख रूप से सम्मिलित हुए।

