प्रकृति के प्रकोप और अचानक आने वाली आपदाओं से निपटने के लिए बारां जिला अब एक अभेद्य किले के रूप में तब्दील होने जा रहा है। जिले की सुरक्षा व्यवस्था को एक नई धार देते हुए प्रशासन ने 500 सिविल डिफेंस वॉलंटियर का एक ऐसा 'सुरक्षा कवच' तैयार करने का निर्णय लिया है, जो संकट के समय सबसे पहले मोर्चे पर खड़ा नजर आएगा। जिला मुख्यालय स्थित खेल संकुल इन दिनों युवाओं के जोश और जज्बे का गवाह बना हुआ है, जहां भारी संख्या में अभ्यर्थी अपनी शारीरिक दक्षता और सेवा के संकल्प का परिचय दे रहे हैं।

इस महत्वपूर्ण भर्ती प्रक्रिया के तहत कुल 666 युवाओं ने अपना पंजीकरण कराया है, जिसमें खास बात यह है कि कंधे से कंधा मिलाकर चलने के लिए बड़ी संख्या में युवतियों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। खेल संकुल के मैदान पर पसीने की हर बूंद के साथ ये युवा जिले की सुरक्षा में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर रहे हैं। चयन प्रक्रिया को अत्यंत पारदर्शी और मानक स्तर का रखा गया है, जिसमें अभ्यर्थियों का कड़ा फिजिकल टेस्ट, विस्तृत मेडिकल परीक्षण और गहन दस्तावेज सत्यापन किया जा रहा है। शारीरिक दक्षता को परखने के लिए 800 मीटर की दौड़ आयोजित की जा रही है, जो युवाओं के स्टेमिना और फुर्ती की असल परीक्षा ले रही है।

प्रशासन की योजना केवल संख्या बल बढ़ाने की नहीं, बल्कि विशेषज्ञों की एक टीम तैयार करने की है। यही कारण है कि ड्राइवर, तैराक और अन्य तकनीकी श्रेणियों में दक्ष युवाओं का विशेष रूप से चयन किया जा रहा है। कुल चयनित 500 वॉलंटियर्स में से 350 को विशेष श्रेणी का उन्नत प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे किसी भी विषम परिस्थिति में पेशेवर तरीके से जान-माल की रक्षा कर सकें। यह पूरा सुरक्षा अभियान जिला कलेक्टर रोहिताश्व सिंह तोमर के प्रत्यक्ष निर्देशन में संचालित हो रहा है, जो जिले को आपदा प्रबंधन के मामले में आत्मनिर्भर बनाने के लिए संकल्पित हैं।

भर्ती प्रक्रिया की कमान संभाल रहे अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) राजेश चौधरी ने इस पहल के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि ये नवनियुक्त वॉलंटियर भविष्य में आपदा, भीषण अग्निकांड, विनाशकारी बाढ़ और सड़क दुर्घटनाओं के समय प्रशासन के दाहिने हाथ के रूप में कार्य करेंगे। यह केवल एक भर्ती नहीं, बल्कि बारां के नागरिकों के लिए एक विश्वास है कि संकट की घड़ी में उनके अपने ही बीच से प्रशिक्षित रक्षक तत्काल सहायता के लिए उपलब्ध रहेंगे। युवाओं का यह समर्पण आने वाले समय में जिले की आपदा प्रबंधन प्रणाली को एक नई ऊँचाई प्रदान करेगा।

Rajendra Sharma, Baran

Rajendra Sharma, Baran

नाम: राजेंद्र शर्मा

वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)

कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर

परिचय 

राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

  • राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
  • राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
  • दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
  • दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
  • दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
  • अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।

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