बारां में बिजली कटौती से हाहाकार, ऊर्जा मंत्री से वीडियोग्राफी कराने की मांग
नियाना ग्रिड और मुरलीजी मंदिर फीडर में घंटों अघोषित कटौती से लोग परेशान, पूर्व व्यापार महासंघ अध्यक्ष ने ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर से की शिकायत।

भीषण गर्मी के इस दौर में शहर की विद्युत व्यवस्था लगातार चरमराती नजर आ रही है, जिसने आमजन का जीना मुहाल कर दिया है। विशेष रूप से नियाना ग्रिड से जुड़े क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति के हालात इतने खराब हो चुके हैं कि आए दिन घंटों तक बिजली गुल रहना अब एक आम बात बन गई है। विद्युत विभाग द्वारा नियमित मेंटेनेंस के बड़े-बड़े दावे तो किए जा रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद धरातल पर उपभोक्ताओं को कोई राहत मिलती नजर नहीं आ रही है।
क्षेत्रवासियों के अनुसार पिछले तीन दिनों से लगातार रात्रिकालीन समय में तीन से चार घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रही, जबकि गुरुवार रात को स्थिति और भी अधिक गंभीर हो गई। मुरलीजी मंदिर फीडर से जुड़े क्षेत्रों में शाम 8 बजे से लेकर देर रात करीब 3 बजे तक बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप रहने से सैकड़ों परिवारों को इस भीषण गर्मी में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा और पूरी रात लोग उमस व गर्मी से बेहाल रहे। व्यापार महासंघ के पूर्व अध्यक्ष ललितमोहन खण्डेलवाल, पूर्व सभापति कैलाश शर्मा, पूर्व पार्षद राहुल शर्मा, अब्दुल गनी, दुष्यंत शर्मा, दिनेश गौत्तम एवं बंशीधर सोनी सहित क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों ने रोष व्यक्त करते हुए बताया कि पिछले एक माह से मुरलीजी मंदिर फीडर क्षेत्र में प्रतिदिन 6 से 8 घंटे तक भारी बिजली कटौती की जा रही है। हैरानी की बात यह है कि मेंटेनेंस के नाम पर लगातार अघोषित कटौती किए जाने के बावजूद विद्युत व्यवस्था में रत्ती भर भी सुधार दिखाई नहीं दे रहा है।
ललितमोहन खण्डेलवाल ने बताया कि क्षेत्र में शक्तिमान ट्रांसफार्मर स्थापित होने के बाद भी विद्युत आपूर्ति की स्थिति सुधरने के बजाय और अधिक खराब होती जा रही है। उन्होंने विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यदि नियमित रूप से मेंटेनेंस कार्य किया जा रहा है, तो उसके परिणाम धरातल पर दिखाई क्यों नहीं दे रहे हैं। बिजली संकट की इस संवेदनशील स्थिति को लेकर ललितमोहन खण्डेलवाल ने राज्य के ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर से दूरभाष पर विस्तार से चर्चा की और उन्हें क्षेत्र की इस गंभीर स्थिति से अवगत कराया। उन्होंने मंत्री से मांग की कि विभाग द्वारा किए जाने वाले मेंटेनेंस कार्यों की अनिवार्य रूप से वीडियोग्राफी करवाई जाए, ताकि कार्यों की वास्तविक हकीकत सामने आ सके और अनावश्यक रूप से होने वाले खर्चों पर भी अंकुश लगाया जा सके। इसके साथ ही, उन्होंने ठेकेदार द्वारा वहां पर्याप्त संख्या में वाहन उपलब्ध नहीं कराए जाने और आंकड़ों के अनुसार कर्मचारियों की भारी कमी होने को भ्रष्टाचार का स्पष्ट उदाहरण बताया। उन्होंने नियाना ग्रिड से जुड़े सभी क्षेत्रों में निर्बाध एवं सुचारू विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने की पुरजोर मांग करते हुए कहा कि इस भीषण गर्मी में लगातार हो रही बिजली कटौती आमजन के लिए एक बहुत बड़ी परेशानी का कारण बन रही है।

Rajendra Sharma, Baran
नाम: राजेंद्र शर्मा
वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)
कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर
परिचय
राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
- राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
- राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
- दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
- दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
- दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
- अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।
