बारां पुलिस का 'ऑपरेशन चक्रव्यूह' सफल: अपहरण का टॉप-10 वांटेड अपराधी सिन्टू मीणा दबोचा
बारां पुलिस के 'ऑपरेशन चक्रव्यूह' के तहत अटरू थाना पुलिस ने अपहरण के टॉप-10 वांछित अपराधी सिन्टू मीणा को गिरफ्तार किया है। एसपी अभिषेक अंदासु के निर्देशन में चली इस कार्रवाई ने अपराधियों में खौफ पैदा कर दिया है। जानें कैसे पुलिस टीम ने घेराबंदी कर इस भगोड़े वारंटी को दबोचा और कौन-कौन रहे इस जांबाज टीम का हिस्सा।

बारां। राजस्थान के बारां जिले में अपराधियों के खिलाफ पुलिस का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। पुलिस अधीक्षक अभिषेक अंदासु के नेतृत्व में चलाए जा रहे विशेष अभियान 'ऑपरेशन चक्रव्यूह' ने एक बार फिर बड़ी सफलता हासिल की है। जिले के कुख्यात और लंबे समय से फरार चल रहे अपराधियों के खिलाफ छेड़ी गई इस जंग में अटरू थाना पुलिस ने अपहरण के एक संगीन मामले में वांछित अपराधी को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। पुलिस की इस मुस्तैदी ने क्षेत्र के अपराधियों में हड़कंप मचा दिया है।
इस पूरी कार्रवाई की रूपरेखा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश चौधरी के सुपरवीजन और अटरू वृताधिकारी (DSP) रामानन्द यादव के कुशल निर्देशन में तैयार की गई थी। अभियान को धरातल पर उतारने की जिम्मेदारी अटरू थानाधिकारी अशोक कुमार (पु०नि०) को सौंपी गई, जिन्होंने एक विशेष टीम का गठन कर जाल बिछाया। पुलिस की हिटलिस्ट में शामिल टॉप-10 अपराधियों की सूची में शुमार सिन्टू मीणा की तलाश में टीम लगातार दबिश दे रही थी। सटीक मुखबिरी और तकनीकी विश्लेषण के बाद पुलिस ने आखिरकार सिन्टू मीणा को धर दबोचा।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान सिन्टू पुत्र राजू मीणा (20 वर्ष) के रूप में हुई है, जो मूल रूप से लक्ष्मीपुरा की झोपड़ियां का निवासी है और वर्तमान में अटरू के गायत्री नगर स्थित हरिजन बस्ती में रह रहा था। आरोपी सिन्टू अटरू थाने में दर्ज अपहरण के एक मामले में लंबे समय से फरार चल रहा था और पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ था। उसकी गिरफ्तारी को पुलिस प्रशासन की एक बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है क्योंकि वह न केवल वांछित था बल्कि पुलिस की 'टॉप-10' अपराधियों की प्राथमिकता सूची में भी शामिल था।
इस सफल ऑपरेशन को अंजाम देने वाली टीम में थानाधिकारी अशोक कुमार के साथ हेड कांस्टेबल पप्पूलाल, कांस्टेबल मनोज, कांस्टेबल सुरजीत और महिला कांस्टेबल अन्नुं कवंर की महत्वपूर्ण भूमिका रही। 'ऑपरेशन चक्रव्यूह' के तहत की गई इस कार्रवाई ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि कानून के हाथ लंबे हैं और अपराध करके कोई भी अपराधी बच नहीं पाएगा। बारां पुलिस का यह अभियान आने वाले दिनों में और भी तेज होने की संभावना है, जिससे आम जन में सुरक्षा का भाव और अपराधियों में कानून का खौफ बना रहे।

Rajendra Sharma, Baran
नाम: राजेंद्र शर्मा
वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)
कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर
परिचय
राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
- राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
- राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
- दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
- दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
- दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
- अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।
