बारां: 'ऑपरेशन वज्र प्रहार' के तहत ड्रग तस्करों की 1.10 करोड़ की संपत्ति फ्रीज
बारां पुलिस ने छबड़ा में एनडीपीएस एक्ट के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए तस्कर विशाल सांसी और उसके पिता की अवैध चल-अचल संपत्तियों को स्थायी रूप से सील किया।

बारां जिले के छबड़ा में 27 अप्रैल 2026 को पुलिस और नगर पालिका की टीम ने एनडीपीएस एक्ट की धारा 68एफ के तहत मादक पदार्थ तस्करों की अवैध संपत्तियों को फ्रीज किया।

बारां जिले में मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत पुलिस ने ‘ऑपरेशन वज्र प्रहार’ के अंतर्गत बड़ी कार्रवाई करते हुए ड्रग माफिया की काली कमाई पर सीधा प्रहार किया है। इस कार्रवाई में मादक पदार्थ तस्कर विशाल सासी, उसका पिता बलवीर उर्फ बल्लू सांसी तथा उनके सहयोगियों द्वारा अवैध रूप से अर्जित करीब 1 करोड़ 10 लाख रुपये मूल्य की चल-अचल संपत्तियों को स्थायी रूप से फ्रीज कर दिया गया है, जिससे अब इन संपत्तियों का उपयोग, बिक्री या हस्तांतरण संभव नहीं रहेगा।
जिला पुलिस अधीक्षक अभिषेक अदांसु ने बताया कि मादक पदार्थ तस्करी के समूल नाश के उद्देश्य से शुरू किए गए ‘ऑपरेशन वज्र प्रहार’ के तहत यह ऐतिहासिक कार्रवाई की गई है। इस अभियान का लक्ष्य न केवल तस्करों की गिरफ्तारी है, बल्कि उनकी अवैध कमाई को भी समाप्त करना है, जिसके आधार पर वे समाज में प्रभाव स्थापित करते थे।
कार्रवाई की पृष्ठभूमि में पुलिस अधीक्षक कार्यालय की एमओबी शाखा द्वारा तस्कर विशाल सासी और उसके पिता बलवीर उर्फ बल्लू सांसी की अवैध संपत्तियों का गोपनीय डेटाबेस तैयार किया गया। यह जानकारी थाना छबड़ा को साझा की गई, जहां थानाधिकारी ने गोपनीय सूचनाओं के आधार पर आर्थिक अनुसंधान और फ्रीजिंग की प्रक्रिया शुरू की।
जांच के दौरान थाना छबड़ा क्षेत्र में मादक पदार्थ तस्करी से जुड़े अपराधियों के रिकॉर्ड का विश्लेषण किया गया, जिसमें विशाल सासी और बलवीर उर्फ बल्लू सांसी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत कुल 7 प्रकरण दर्ज पाए गए, जिनमें एक वाणिज्यिक मात्रा का मामला भी शामिल है। आर्थिक अनुसंधान में सामने आया कि आरोपियों ने करोड़ों रुपये की काली कमाई को चल-अचल संपत्तियों में निवेश किया, जबकि वैध आय के स्रोत नगण्य पाए गए। बैंक स्टेटमेंट के विश्लेषण में पिछले एक वर्ष में करीब 30 लाख रुपये के लेनदेन का प्रमाण मिला।
इसके आधार पर एनडीपीएस एक्ट की धारा 68एफ के तहत सक्षम प्राधिकारी नई दिल्ली में परिवाद प्रस्तुत किया गया। दो महीने चली सुनवाई के बाद सक्षम प्राधिकारी (FOAP) NDPS ACT, नई दिल्ली ने 25 मार्च 2026 के आदेश और जिला कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट बारां के 20 अप्रैल 2026 के पत्र के आधार पर फ्रीजिंग आदेश को वैध ठहराया। इसके अनुपालन में 27 अप्रैल 2026 को नगरपालिका छबड़ा के अधिशाषी अभियंता द्वारा पुलिस के सहयोग से संपत्तियों को फ्रीज किया गया।
इस कार्रवाई में प्रशासनिक समन्वय के तहत राजस्व विभाग, सार्वजनिक निर्माण विभाग और जिला परिवहन अधिकारी ने संपत्तियों के रिकॉर्ड सत्यापन और बाजार मूल्यांकन में सहयोग किया। जब्ती कार्रवाई के दौरान आरोपियों के कब्जे से 24 किलो 308 ग्राम गांजा बरामद किया गया, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार कीमत 48 लाख 61 हजार 600 रुपये आंकी गई। साथ ही तीन मोटरसाइकिलें भी जब्त की गईं, जिनकी अनुमानित कीमत 2 लाख 75 हजार रुपये है।
फ्रीज की गई संपत्तियों में एक जमीन/मकान, एक कार, एक मोटरसाइकिल और एक स्कूटी शामिल हैं, जिनकी कुल अनुमानित कीमत करीब 1 करोड़ रुपये है। यह कार्रवाई एनडीपीएस एक्ट की धारा 68एफ के तहत की गई, जिसे सक्षम प्राधिकारी द्वारा विधिक रूप से अनुमोदित किया जा चुका है।
इस पूरी कार्रवाई में थाना छबड़ा के थानाधिकारी राजेश कुमार खटाना, विनोद कुमार, विमलेश मेहता, रणवीर सिंह, गोविंद सिंह, ओमप्रकाश और सर्वेश की विशेष भूमिका रही। पुलिस अधीक्षक अभिषेक अदांसु ने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी मादक पदार्थ तस्करों और उनकी अवैध संपत्तियों के खिलाफ इसी प्रकार कठोर और प्रभावी कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि समाज में यह संदेश स्पष्ट रूप से स्थापित हो सके कि अपराध से अर्जित संपत्ति कभी स्थायी नहीं होती।

Rajendra Sharma, Baran
नाम: राजेंद्र शर्मा
वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)
कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर
परिचय
राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
- राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
- राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
- दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
- दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
- दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
- अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।


