बारां। हिन्दू समाज द्वारा विरेंद्र सिंह हाडा की अध्यक्षता में बारां में शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन कर रहे गौभक्तों पर पुलिस प्रशासन द्वारा बर्बरतापूर्ण लाठीचार्ज करने के संबंध में जिला कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया गया।


घटनाक्रम की पृष्ठभूमि और गौवंश हत्याकांड

ज्ञापन में बताया गया कि:

  • बारां नगर में 6 फरवरी को बरडिया क्षेत्र में गौवंश का कटा हुआ शव मिला था।
  • इस घटना से नगर के गौभक्तों व सर्व हिन्दू समाज में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया।
  • पुलिस प्रशासन को 48 घंटे का अल्टीमेटम देकर गौवंश को न्याय दिलाने का आश्वासन मिला था।

प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप

ज्ञापन के अनुसार, बारां पुलिस द्वारा केवल "खानापूर्ति करके विषय को दबाने का प्रयास किया गया और पोस्टमार्टम रिपोर्ट को साझा नहीं किया गया।" संपूर्ण कोटा संभाग में गाय की हत्या करके खाने के मामले निरंतर सामने आ रहे हैं। इसी क्रम में 3 फरवरी, मंगलवार को अंता में भी कटा हुआ गौवंश मिला था।


बारां बंद का आह्वान और पुलिस की धमकी

गौभक्त व सर्व हिन्दू समाज द्वारा पुनः 8 फरवरी को बैठक कर 9 फरवरी को बारां शहर को बंद रखने की घोषणा की गई थी। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि:

"उसी रात्रि बंद के आह्वान पर कोतवाली थानाधिकारी योगेश चौहान द्वारा फोन पर धमकी दी गई, जिसके ऑडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं।"

वहीं, बंद के दौरान व्यापारियों द्वारा स्वैच्छिक बंद रखकर आमजन का पूरा सहयोग भी मिला।


शांतिपूर्ण धरने पर बर्बरतापूर्ण लाठीचार्ज

प्रताप चौक पर शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक तरीके से धरने पर बैठे हिन्दू समाज पर पुलिस प्रशासन ने राजस्थान सरकार के सामने मामले को दबाने के उद्देश्य से बर्बरतापूर्ण तरीके से लाठीचार्ज किया।

आरोप है कि कोतवाली थानाधिकारी योगेश चौहान व पुलिस उपाधीक्षक हरिराम सोनी ने बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के, स्वयं का वर्चस्व स्थापित करने व हिन्दू समाज में अप्रत्यक्ष भय उत्पन्न करने हेतु यह कदम उठाया, जो अत्यंत निंदनीय है।


प्रमुख मांगें और चेतावनी

गौ भक्तों पर लाठीचार्ज करने वाले पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों पर कठोरतम कार्रवाई की जाए और यदि लाठीचार्ज की अनुमति किसी सक्षम अधिकारी ने दी है तो उसे भी सार्वजनिक किया जाए।

चेतावनी दी गई है कि यदि उक्त प्रकरणों का निस्तारण शीघ्रता से नहीं किया गया तो आगामी दिनों में संपूर्ण बारां जिले में उग्र आंदोलन किया जाएगा।


ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधि

ज्ञापन देने वालों में मुख्य रूप से निम्नलिखित सदस्य शामिल रहे:

  • हेमराज मालव, वैभव नागर, गौरव चौरासिया
  • प्रदीप शर्मा, सन्नी सोनी, योगेश चौरासिया
  • नीरज सुमन, आकाश सिंह, दिव्य उपाध्याय, रामलखन यादव

Rajendra Sharma, Baran

Rajendra Sharma, Baran

नाम: राजेंद्र शर्मा

वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)

कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर

परिचय 

राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

  • राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
  • राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
  • दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
  • दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
  • दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
  • अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।

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