बारां जिले में साइबर अपराधों के विरुद्ध चलाए गए विशेष अभियान “म्यूल हंटर” के तहत पुलिस ने व्यापक और प्रभावी कार्रवाई करते हुए संगठित नेटवर्क पर बड़ा प्रहार किया है। अभियान के दौरान कई साइबर आरोपियों को पकड़ा गया तथा उनके कब्जे से मोबाइल फोन और अन्य सामग्री जब्त की गई।

पुलिस अधीक्षक बारां अभिषेक बंदासु ने बताया कि पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार साइबर अपराधों की रोकथाम, नियंत्रण और अपराधियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 01.04.2026 से 30.04.2028 तक यह विशेष अभियान संचालित किया गया। अभियान के तहत अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बारां राजेश चौधरी के निर्देशन में जिले के सभी थानाधिकारियों द्वारा संदिग्ध बैंक खातों (म्यूल अकाउंट), फर्जी वित्तीय लेन-देन और साइबर अपराध हॉटस्पॉट्स की पहचान कर तकनीकी एवं सघन कार्रवाई की गई।

अभियान के दौरान विभिन्न थाना क्षेत्रों में विशेष टीमें गठित कर बैंक खातों का विश्लेषण, संदिग्ध लेन-देन की जांच और स्थानीय स्तर पर सूचनाओं का संकलन किया गया। थाना कोतवाली बारां, अन्ता और छबड़ा में क्रमशः एक-एक प्रकरण दर्ज कर कुल 97 साइबर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

इसके अतिरिक्त जिले के सभी थाना क्षेत्रों में कार्रवाई करते हुए 67 व्यक्तियों के विरुद्ध इंसदादी कार्रवाई की गई तथा 175 संदिग्ध व्यक्तियों से गहन पूछताछ कर उनके बैंक खातों और गतिविधियों का सत्यापन किया गया। अभियान के दौरान कुल 382 बैंक खातों को फ्रीज किया गया और कई संदिग्ध खातों को चिन्हित कर संबंधित बैंकों को आवश्यक कार्रवाई के लिए सूचित किया गया, जिससे संभावित साइबर धोखाधड़ी को रोका जा सका।

पुलिस अधीक्षक अभिषेक बंदासु ने बताया कि वर्तमान समय में साइबर अपराधों में म्यूल अकाउंट का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है, जिसमें अपराधी आमजन को लालच, कमीशन या झूठे प्रलोभन देकर उनके बैंक खातों का उपयोग अवैध लेन-देन के लिए करते हैं। इन खातों के माध्यम से ठगी की राशि को कई स्तरों पर स्थानांतरित कर ट्रेसिंग को कठिन बनाया जाता है। ऐसे मामलों में खाता उपलब्ध कराने वाला व्यक्ति भी बराबर का दोषी माना जाता है।

पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे किसी भी व्यक्ति को अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, चेकबुक, पासबुक या ओटीपी उपलब्ध न कराएं। बैंक खाता किराये या कमीशन पर देना अथवा किसी के कहने पर लेन-देन के लिए उपयोग करने देना गैरकानूनी है और ऐसे मामलों में खाताधारक के विरुद्ध भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अज्ञात कॉल, मैसेज, लिंक या फर्जी पार्सल, जॉब, लोन और इनाम जैसे प्रलोभनों से सावधान रहने की सलाह दी गई है।

साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत कार्रवाई करते हुए राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल www.cybercrime.gov.in

पर शिकायत दर्ज कराने तथा हेल्पलाइन नंबर 1930 पर तत्काल कॉल करने की अपील की गई है। पुलिस ने बताया कि गोल्डन आवर में रिपोर्ट करने से ठगी गई राशि को होल्ड किए जाने की संभावना अधिक रहती है। साथ ही निकटतम पुलिस थाना या साइबर थाना में भी संपर्क करने के निर्देश दिए गए हैं।

जिला पुलिस बारां ने स्पष्ट किया कि साइबर अपराधों के विरुद्ध यह विशेष अभियान भविष्य में भी निरंतर जारी रहेगा और नवीन तकनीकों एवं रणनीतियों के माध्यम से अपराधियों के खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

अभियान के तहत गिरफ्तार आरोपियों में रितेश मीना पुत्र रामपाल निवासी हनुवन्तखेड़ा थाना बापचा, वर्तमान में मोरजी वाले बाबा की बगीची, मछली पालन ऑफिस के पास शिवसागर कोटा, थाना उद्योग नगर कोटा शहर; बिहू कहार पुत्र सियाराम निवासी कैरियर पॉइंट के पास शिवसागर थाना उद्योग नगर कोटा; अमन सुमन पुत्र नरेन्द्र कुमार सुमन निवासी बड़या थाना अन्ता जिला बारां; सबकी शाक्यवाल पुत्र दिनेश निवासी बढ़या थाना अन्ता जिला बारां, वर्तमान खंडरगांवड़ी सिविल लाइन्स कोटा थाना नयापुरा; भूपेन्द्र पहाड़िया उर्फ अक्षय पुत्र धर्मेन्द्र निवासी रासदेव मंदिर के पास दोस्तपुरा कोटा थाना नयापुरा; आशिष नेहरा पुत्र नरेश कुमार निवासी नई दुर्गा माता मंदिर सिविल लाइन्स खंडरगांवड़ी नयापुरा कोटा शहर तथा हर्षित मेहर पुत्र बनवारी लाल निवासी वार्ड नंबर 4 व्यासों की बावड़ी के पास गुर्जर मोहल्ला खानपुर थाना खानपुर जिला झालावाड़ शामिल हैं।

Rajendra Sharma, Baran

Rajendra Sharma, Baran

नाम: राजेंद्र शर्मा

वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)

कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर

परिचय 

राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

  • राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
  • राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
  • दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
  • दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
  • दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
  • अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।

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