बारां। राजस्थान के बारां जिले में नशे के सौदागरों के खिलाफ पुलिस ने एक बार फिर अपना कड़ा शिकंजा कस दिया है। जिले में अवैध मादक पदार्थों की जड़ें खोदने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान 'ऑपरेशन नशा-विनाश' के तहत पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। इस कार्रवाई में छीपाबड़ोद पुलिस ने छापेमारी करते हुए मक्के की कड़ब (चारा) के नीचे छिपाकर रखा गया 93 किलोग्राम अवैध डोडा चूरा बरामद किया है। पुलिस की इस सतर्कता ने तस्करों के मंसूबों पर पानी फेरते हुए यह साफ कर दिया है कि जिले में नशे का काला कारोबार करने वालों के लिए अब कोई जगह नहीं बची है।

इस पूरी कार्रवाई का ताना-बाना पुलिस अधीक्षक अभिषेक अंदासु के निर्देशों पर बुना गया था। अवैध तस्करी की रोकथाम के लिए बारां जिले में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है, जिसके सुपरविजन की जिम्मेदारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश चौधरी और छबड़ा वृताधिकारी ताराचन्द को सौंपी गई थी। इसी कड़ी में छीपाबड़ोद थानाधिकारी दिग्विजय सिंह को मुखबिर के जरिए एक पुख्ता सूचना प्राप्त हुई कि लाम्बाखेड़ा निवासी सोनू लोधा के घर के पास बने बाड़े में मादक पदार्थों की एक बड़ी खेप छिपाकर रखी गई है।

सूचना की गंभीरता को देखते हुए थानाधिकारी दिग्विजय सिंह के नेतृत्व में पुलिस जाब्ते ने तत्काल घेराबंदी की। जब पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर सोनू लोधा के बाड़े में तलाशी ली, तो वहां मक्के की कड़ब का एक बड़ा ढेर लगा हुआ था। सामान्य दिखने वाले इस ढेर के भीतर तलाशी लेने पर पुलिस की आंखें फटी रह गईं। मक्के की आड़ में छिपाकर रखे गए कुल 7 कट्टे बरामद हुए, जिनका वजन करने पर 93 किलोग्राम अवैध डोडा चूरा पाया गया। पुलिस ने मौके से समस्त मादक पदार्थ को जब्त कर लिया और सोनू लोधा के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया।

कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए थाना छीपाबड़ोद पर प्रकरण संख्या 41/2026 धारा 8/15 एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले की संवेदनशीलता और तस्करी के नेटवर्क को खंगालने के लिए इसका अग्रिम अनुसंधान हरनावदाशाहजी थानाधिकारी दीनदयाल पु.नि. को सौंपा गया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि नशे की यह खेप कहां से लाई गई थी और इसे किन इलाकों में सप्लाई किया जाना था।

इस सफल ऑपरेशन को अंजाम देने वाली टीम में थानाधिकारी दिग्विजय सिंह के साथ कांस्टेबल सुनील, कवरपाल, अनिल, सन्तोष, अडीसाल और चालक गोपाल की मुख्य भूमिका रही। पुलिस की इस प्रभावी कार्रवाई से न केवल मादक पदार्थ तस्करों में हड़कंप मच गया है, बल्कि समाज में नशे के खिलाफ एक कड़ा संदेश भी गया है। 'ऑपरेशन नशा-विनाश' के जरिए बारां पुलिस नशीले पदार्थों की इस अवैध चेन को पूरी तरह ध्वस्त करने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है।

Rajendra Sharma, Baran

Rajendra Sharma, Baran

नाम: राजेंद्र शर्मा

वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)

कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर

परिचय 

राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

  • राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
  • राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
  • दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
  • दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
  • दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
  • अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।

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