बारां। प्रारंभिक शिक्षा में खेल व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने एवं खेल गतिविधियों को बेहतर बनाने की मांग को लेकर राजस्थान शिक्षा सेवा प्राध्यापक शारीरिक शिक्षा संघ के बैनर तले प्रदेशभर में प्रदेश अध्यक्ष राजेंद्र कम्बोज के नेतृत्व में ज्ञापन सौंपे जाने का क्रम निरंतर जारी है। इसी क्रम में बारां जिले में भी संगठन के जिला प्रभारी सुनील शर्मा के नेतृत्व में मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री एवं शिक्षा निदेशक के नाम ज्ञापन प्रेषित किया गया।

जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालयों में पद सृजन की मांग

ज्ञापन में मुख्य रूप से यह मांग की गई कि राज्य के सभी जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक शिक्षा) कार्यालयों में उप जिला शिक्षा अधिकारी (शारीरिक शिक्षा) के पद शीघ्र सृजित एवं स्वीकृत किए जाएं, ताकि खेल गतिविधियों का सुव्यवस्थित संचालन सुनिश्चित हो सके। जिला प्रभारी सुनील शर्मा ने इस विषय पर जानकारी देते हुए बताया कि प्रारंभिक शिक्षा विभाग में प्रतिवर्ष लगभग 24 खेलों की प्रतियोगिताएं जिला स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक आयोजित होती हैं, किन्तु विभाग में उपजिला शिक्षा अधिकारी शारीरिक शिक्षा के पद नहीं होने के कारण इन प्रतियोगिताओं का संचालन शारीरिक शिक्षकों एवं अन्य कार्मिकों की अतिरिक्त ड्यूटी लगाकर किया जाता है। इससे न केवल प्रतियोगिताओं की गुणवत्ता प्रभावित होती है, बल्कि विभागीय कार्य एवं अन्य शैक्षणिक गतिविधियां भी बाधित होती हैं।

खेल प्रतिभाओं की नींव और ब्लॉक स्तरीय नियुक्ति

शारीरिक शिक्षा संघ का मानना है कि प्रारंभिक शिक्षा ही खेल प्रतिभाओं की नींव होती है। "यदि इस स्तर पर खेल ढांचे को मजबूत किया जाए, तो भविष्य में उत्कृष्ट खिलाड़ी एवं पदक विजेता तैयार किए जा सकते हैं।" ज्ञापन के माध्यम से यह मांग भी उठाई गई कि राज्य के प्रत्येक ब्लॉक स्तर पर भी खेल अधिकारी स्कूल शिक्षा की नियुक्ति की जाए। इसके साथ ही, नवगठित जिलों में माध्यमिक शिक्षा कार्यालयों में भी उप जिला शिक्षा अधिकारी (शारीरिक शिक्षा) के पद सृजित किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया गया है।

शारीरिक शिक्षकों की अन्य महत्वपूर्ण मांगें

संगठन ने केवल पद सृजन ही नहीं, बल्कि कार्मिकों के हितों से जुड़ी अन्य मांगों को भी सरकार के समक्ष प्रमुखता से रखा है। ज्ञापन में प्रत्येक विद्यालय में शारीरिक शिक्षक की अनिवार्य नियुक्ति, अन्य विषय शिक्षकों की भांति पदोन्नति के अवसर और वर्ष 2022 में भर्ती शारीरिक शिक्षकों को स्थायीकरण का लाभ प्रदान करने सहित विभिन्न मांगों को शीघ्र पूरा करने का आग्रह किया गया। इस अवसर पर संगठन से जुड़े ऋचा वर्मा, चंद्र प्रकाश मेहता, भूरमल मीणा, नोरतमल मालव, महेश दाधीच, लक्ष्मण आर्य, प्रेमनारायण सहित अन्य शारीरिक शिक्षकों ने भी इन मांगों का पुरजोर समर्थन किया और सरकार से शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई की अपेक्षा जताई।

Rajendra Sharma, Baran

Rajendra Sharma, Baran

नाम: राजेंद्र शर्मा

वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)

कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर

परिचय 

राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

  • राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
  • राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
  • दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
  • दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
  • दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
  • अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।

Next Story