जिले में आगामी दिनों में मनाए जाने वाले विभिन्न धार्मिक और सामाजिक पर्वों को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से सोमवार को मिनी सचिवालय सभागार में जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रशासन, पुलिस विभाग और शांति समिति के सदस्यों ने भाग लेते हुए त्योहारों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने तथा सामाजिक सद्भाव को मजबूत करने पर विस्तार से चर्चा की।

बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिला कलक्टर बालमुकुंद असावा ने कहा कि मोहर्रम सहित सभी त्योहार आपसी प्रेम, भाईचारे और सामाजिक समरसता के साथ मनाए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार के विवाद या समस्या का समाधान संवाद और आपसी समझ के माध्यम से किया जाना चाहिए, जिससे जिले में शांति और सौहार्द का वातावरण बना रहे।

जिला कलक्टर ने त्योहारों के दौरान निकलने वाले जुलूसों एवं आयोजनों में आयोजकों की जिम्मेदारी को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि उन्हें पूरी संवेदनशीलता और धैर्य के साथ अपनी भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी अप्रिय स्थिति की संभावना होने पर संयम बरतते हुए समाधान का रास्ता अपनाया जाए तथा शरारती तत्वों को आयोजनों से दूर रखा जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि शांतिपूर्ण माहौल को बिगाड़ने का प्रयास करने वाले तत्वों के विरुद्ध प्रशासन सख्त कार्रवाई करेगा। साथ ही उन्होंने आश्वस्त किया कि प्रशासन की ओर से सभी आयोजनों को सुव्यवस्थित बनाने के लिए आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।

बैठक के दौरान जिला कलक्टर ने प्रकाश व्यवस्था, सड़कों की मरम्मत, यातायात प्रबंधन, साफ-सफाई, पेयजल एवं विद्युत आपूर्ति, बैरिकेडिंग तथा जर्जर भवनों की सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर शांति समिति के सदस्यों से सुझाव प्राप्त किए और संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए।

पुलिस अधीक्षक अभिषेक अंदासु ने भी बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि जिले की सौहार्दपूर्ण परंपरा को बनाए रखने में सभी नागरिकों और समिति सदस्यों का सहयोग आवश्यक है। उन्होंने अपील की कि जुलूसों के दौरान हथियारों का प्रदर्शन नहीं किया जाए तथा ताजियों को निर्धारित मार्गों से ही निकाला जाए। साथ ही ताजियों के आकार को निर्धारित सीमा में रखने की भी बात कही। उन्होंने समिति के सदस्यों से असामाजिक तत्वों और संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी तत्काल पुलिस प्रशासन को देने का आग्रह किया, ताकि त्योहारों का आयोजन शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हो सके।

बैठक में शांति समिति के सदस्यों ने भी विभिन्न सुझाव प्रस्तुत किए, जिन पर प्रशासन ने सकारात्मक विचार व्यक्त किया। इस अवसर पर विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं शांति समिति के सदस्य उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी त्योहारों के दौरान कानून-व्यवस्था, सामाजिक सौहार्द और नागरिक सुविधाओं को सुनिश्चित करते हुए जिले में शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखना रहा।

Rajendra Sharma, Baran

Rajendra Sharma, Baran

नाम: राजेंद्र शर्मा

वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)

कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर

परिचय 

राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

  • राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
  • राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
  • दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
  • दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
  • दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
  • अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।

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