बारां में पंचायती राज कर्मचारियों का 'सद्बुद्धि यज्ञ': मांगों की अनदेखी पर सरकार को दी चेतावनी
बारां में पंचायती राज मंत्रालयिक कर्मचारियों ने अपनी आठ सूत्रीय मांगों के लिए 'सद्बुद्धि यज्ञ' का आयोजन कर सरकार को चेतावनी दी है। यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो 7 जुलाई को जयपुर के जल महल में जल समाधि की दी गई है चेतावनी।

बारां जिला परिषद परिसर में आठ सूत्रीय मांगों को लेकर पंचायती राज मंत्रालयिक कर्मचारी संगठन द्वारा आयोजित सद्बुद्धि यज्ञ में भाग लेते कर्मचारी।
बारां जिले में पंचायती राज मंत्रालयिक कर्मचारियों का असंतोष शुक्रवार को जिला परिषद परिसर में एक अनूठे विरोध प्रदर्शन के रूप में फूट पड़ा। अपनी आठ सूत्रीय मांगों को लेकर लंबे समय से संघर्षरत इन कर्मचारियों ने 'स्वाभिमान बचाओ अभियान' के तहत सरकार को सद्बुद्धि देने के लिए एक विशेष यज्ञ का आयोजन किया। जिला अध्यक्ष योगेंद्र सिंह नरूका के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में जिले भर के मंत्रालयिक कर्मचारियों ने एकजुट होकर अपनी लंबित मांगों के प्रति प्रशासन और सरकार की उदासीनता पर गहरा रोष व्यक्त किया।
प्रदर्शन के दौरान जिला अध्यक्ष योगेंद्र सिंह नरूका ने सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि राज्य सरकार द्वारा वित्त वर्ष 2025-26 के बजट में 122 विभागों के लिए 'केडर रिव्यू' की घोषणा की गई थी, जिसे सफलतापूर्वक क्रियान्वित भी कर दिया गया है। इसके विपरीत, पंचायती राज विभाग के साथ यह दोहरा मापदंड अपनाया जा रहा है और बजट घोषणा के उपरांत भी विभाग में केडर रिव्यू की प्रक्रिया ठंडे बस्ते में है। कर्मचारियों का तर्क है कि बार-बार मांग उठाने और ध्यान आकर्षित करने के बावजूद उनकी उपेक्षा की जा रही है, जो उनके स्वाभिमान और अधिकारों का सीधा उल्लंघन है।
मंत्रालयिक कर्मचारियों ने इस प्रदर्शन के माध्यम से सरकार को आर-पार की लड़ाई का स्पष्ट संकेत दे दिया है। उन्होंने घोषणा की है कि यदि सद्बुद्धि यज्ञ के बाद भी शासन-प्रशासन ने उनकी मांगों पर सकारात्मक रुख नहीं अपनाया, तो आंदोलन को और अधिक तीव्र किया जाएगा। आगामी 6 जुलाई को प्रदेश के मुखिया के आवास का घेराव करने की योजना है, जिसके अगले ही दिन 7 जुलाई को जयपुर के जल महल में जल समाधि लेने का कठोर निर्णय लिया गया है। इस विरोध प्रदर्शन में सुरेंद्र सोनी, रामचरण मीणा, हामिद हुसैन, गोविंद कुमार शर्मा, निर्मल नागर, कपिल नागर, मोहन सिंह, सुरेश सुमन, श्याम पंकज, रोहित विजय, दिनेश कुराडिया, सीमा और उषा यादव सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे। यह घटना अब प्रदेश के प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई है, जहाँ कर्मचारी अपनी मांगों के समाधान के लिए अंतिम सीमा तक संघर्ष करने को तत्पर दिखाई दे रहे हैं।

Rajendra Sharma, Baran
नाम: राजेंद्र शर्मा
वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)
कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर
परिचय
राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
- राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
- राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
- दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
- दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
- दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
- अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।
