बारां में पंचायती राज चुनाव के दौरान कानून व्यवस्था और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने की तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में चुनाव ड्यूटी पर नियुक्त जोनल मजिस्ट्रेट और जोनल पुलिस अधिकारियों को बुधवार को प्रशिक्षण देकर उनके कर्तव्यों और जिम्मेदारियों से अवगत कराया गया। वहीं किसानों के लिए राहत की खबर देते हुए जिले में 3450 मैट्रिक टन डीएपी उर्वरक की आपूर्ति की जानकारी भी दी गई।

शहर के मेलखेड़ी स्थित सिटी टाउन हॉल में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में जोनल मजिस्ट्रेट और जोनल पुलिस अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा गया कि वे किसी भी विपरीत परिस्थिति को नियंत्रित करने के लिए सबसे उपयुक्त माध्यम होते हैं। उन्हें निर्वाचन अवधि के दौरान लगातार फील्ड में भ्रमण करते हुए स्थिति पर कड़ी निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए गए।

प्रशिक्षण में अधिकारियों से कहा गया कि वे स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के साथ-साथ कानून व्यवस्था के दृष्टिकोण से आमजन के बीच पहुंचकर फीडबैक भी लें। चुनाव के दौरान मदिरा, धन तथा कीमती वस्तुओं के वितरण सहित अवैध गतिविधियों और आचार संहिता के उल्लंघन के मामलों पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए गए। साथ ही उच्चाधिकारियों से लगातार संपर्क बनाए रखते हुए क्षेत्र की स्थिति से अवगत कराने के लिए भी कहा गया।

प्रशिक्षण के दौरान जिला परिषद सीईओ शिवेन्द्र प्रताप ने भी अधिकारियों को संबोधित किया और निर्वाचन संबंधी दायित्वों को सजगता तथा कुशलता के साथ पूरा करने का आह्वान किया।

इसी बीच कृषि विभाग ने जिले में उर्वरकों की उपलब्धता को लेकर जानकारी साझा की। संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार) राजेश विजय ने बताया कि एचयूआरएल द्वारा 20 अक्टूबर को 1750 मैट्रिक टन डीएपी तथा बुधवार को आईपीएल द्वारा लगभग 1700 मैट्रिक टन डीएपी उपलब्ध कराया गया। इस प्रकार कुल 3450 मैट्रिक टन डीएपी में से लगभग 500 मैट्रिक टन विभिन्न क्रय-विक्रय सहकारी समितियों और लगभग 3000 मैट्रिक टन निजी क्षेत्र में उपलब्ध कराया गया है, जिसका वितरण किसानों को किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि वर्तमान में जिले में यूरिया 15795 मैट्रिक टन, डीएपी 5389 मैट्रिक टन, म्यूरेट ऑफ पोटाश 726 मैट्रिक टन, एनपीके 7357 मैट्रिक टन तथा सिंगल सुपर फास्फेट 10160 मैट्रिक टन उर्वरक विभिन्न सहकारी एवं निजी विक्रेताओं के यहां उपलब्ध हैं।

राजेश विजय ने कहा कि डीएपी उर्वरक प्राप्त होने के बाद जिले के सभी आठ ब्लॉकों में मांग के अनुसार आवंटन किया जाएगा। जिले में विभिन्न संस्थाओं के माध्यम से लगातार यूरिया उर्वरक की आपूर्ति की जा रही है।

उन्होंने बताया कि किसानों को आधार कार्ड और जमीन की नकल के आधार पर अधिकतम पांच बैग डीएपी तथा दस बैग यूरिया बिना किसी अटैचमेंट के विक्रेताओं द्वारा वितरित किए जा रहे हैं। कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे स्थानीय संस्थाओं से जरूरत के अनुसार ही यूरिया और डीएपी उर्वरक खरीदें तथा अग्रिम भंडारण से बचें, क्योंकि क्षेत्र में पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराया जा रहा है।

Rajendra Sharma, Baran

Rajendra Sharma, Baran

नाम: राजेंद्र शर्मा

वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)

कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर

परिचय 

राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

  • राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
  • राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
  • दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
  • दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
  • दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
  • अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।

Next Story