बारां। आगामी जिला परिषद और पंचायत चुनाव को लेकर बारां में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। भाजपा और कांग्रेस ने मजबूत और टिकाऊ प्रत्याशियों की तलाश शुरू कर दी है, वहीं थर्ड फ्रंट इस बार बहुजन समाज पार्टी के चुनाव चिह्न हाथी पर चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी में है। दूसरी ओर, आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी अपने चुनाव चिह्न झाड़ू के साथ अलग से चुनाव लड़ेंगे। ऐसे में जिला परिषद और पंचायत चुनाव में इस बार त्रिकोणीय के बजाय चतुष्कोणीय मुकाबला होने की संभावना है।

बारां नगर परिषद चुनाव में थर्ड फ्रंट ने आम आदमी पार्टी के चुनाव चिह्न झाड़ू पर चुनाव लड़कर भाजपा और कांग्रेस को पीछे छोड़ते हुए ऐतिहासिक सफलता हासिल की थी। हालांकि, इस सफलता के पीछे केवल झाड़ू का चुनाव चिह्न नहीं, बल्कि आम मतदाताओं और कार्यकर्ताओं की दोनों प्रमुख पार्टियों की कार्यशैली के प्रति नाराजगी भी एक वजह मानी गई। इसी स्थिति से थर्ड फ्रंट को आगे बढ़ने का अवसर मिला। इसके अलावा, थर्ड फ्रंट के नेताओं ने डेढ़ से दो साल पहले ही सभी 60 वार्डों में मतदाताओं के नाम जुड़वाने और कटवाने के प्रयास शुरू कर दिए थे, जिन्हें सफलता मिली। कांग्रेस ने भी इस दिशा में कुछ प्रयास किए, लेकिन भाजपा गुटबाजी में उलझी रही।

बारां नगर परिषद में कांग्रेस ने 15 साल तक अपना कब्जा बनाए रखा था। ऐसे में चुनाव के दौरान उसके खिलाफ सत्ता विरोधी रुझान होने की संभावना थी, इसके बावजूद कांग्रेस 18 सीटें जीतकर कुछ हद तक अपनी प्रतिष्ठा बचाने में सफल रही। दूसरी ओर, राज्य में सरकार होने के बावजूद भाजपा केवल नौ सीटों पर सिमट गई। अब जिला परिषद और पंचायत चुनाव में नगर परिषद चुनाव के दौरान बने राजनीतिक माहौल का कितना असर दिखाई देगा, यह प्रत्याशियों के चयन और टिकट वितरण के बाद स्पष्ट हो सकेगा।

फिलहाल थर्ड फ्रंट के नेताओं ने प्रत्याशियों के चयन की प्रक्रिया में काफी हद तक बढ़त बना ली है। कई वार्डों में प्रत्याशियों का चयन भी कर लिया गया है, जबकि भाजपा और कांग्रेस में अभी नामों को लेकर मंथन और चर्चा जारी है। प्रत्याशियों के चयन के मामले में कांग्रेस और भाजपा की तुलना में थर्ड फ्रंट आगे बताया जा रहा है। कई वार्डों में भाजपा को उम्मीदवार तय करने में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

इस बीच आम आदमी पार्टी के प्रत्याशियों के भी झाड़ू चुनाव चिह्न पर अलग से चुनाव लड़ने की घोषणा ने मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है। पार्टी के जिला स्तरीय नेताओं ने कहा है कि आप के प्रत्याशी अपने चुनाव चिह्न के साथ मैदान में उतरेंगे। ऐसी स्थिति में थर्ड फ्रंट के हाथी और आम आदमी पार्टी के झाड़ू के बीच मतों का बंटवारा होने की संभावना है। इसका सीधा लाभ प्रथम दृष्टया कांग्रेस और उसके बाद भाजपा के प्रत्याशियों को मिल सकता है।

इस बार जिला परिषद और पंचायत चुनाव में चार राजनीतिक पक्षों के बीच मुकाबले के आसार हैं। चुनावी परिदृश्य में एक अन्य महत्वपूर्ण पहलू यूजीसी रोलबैक का नारा भी रहेगा। यह नारा कितना प्रभावी साबित होगा, इसका आकलन चुनाव परिणाम आने के बाद ही हो सकेगा।

फिलहाल किसी भी पार्टी ने अपने अधिकृत प्रत्याशियों की सूची जारी नहीं की है। ऐसे में टिकट वितरण, उम्मीदवारों के चयन और चुनाव चिह्नों के आधार पर बनने वाले समीकरणों पर सबकी नजर रहेगी। अधिकृत सूचियां जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि बारां के जिला परिषद और पंचायत चुनाव में भाजपा, कांग्रेस, बहुजन समाज पार्टी के चुनाव चिह्न पर उतरने वाले थर्ड फ्रंट और आम आदमी पार्टी के बीच मुकाबले की तस्वीर किस रूप में सामने आती है।

Rajendra Sharma, Baran

Rajendra Sharma, Baran

नाम: राजेंद्र शर्मा

वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)

कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर

परिचय 

राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

  • राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
  • राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
  • दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
  • दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
  • दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
  • अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।

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