बारां: ऑनलाइन ठगी के मामले में कार्रवाई की मांग, सांसद दुष्यंत सिंह को सौंपा ज्ञापन
हरिपुरा निवासी कौशल मीणा से हुई 5.66 लाख की ठगी में मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी और जांच अधिकारी बदलने की मांग को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं ने रोष जताया।

बारां। शहर के समीप हरिपुरा गांव के एक जने से 22 माह पहले हुई 5 लाख 66 हजार 500 रूपए की ऑनलाइन ठगी के मामले में पीड़ित को शेष राशि दिलाने, मुख्य आरोपी को गिरफ्तार करने व जांच अधिकारी को बदलवाए जाने की मांग को लेकर बुधवार को जिले के दौरे पर आए सांसद दुष्यंत सिंह को भाजपा कार्यकर्ताओं एवं मीणा समाज के युवाओं ने ज्ञापन सौंपा है।
पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
ज्ञापन भाजपा युवा मोर्चा मंडल अध्यक्ष जसवंत मीणा व युवा नेता हेमंत मीणा रजपाली की अगुवाई में दिया गया। कार्यकर्ताओं ने आक्रोश जताया कि दो साल होने को आए, लेकिन पुलिस ने मुख्य आरोपी को नहीं पकड़ा है। वहीं अभी तक शेष राशि भी बरामद नहीं की जा सकी है। इससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े होते हैं। एक गरीब व्यक्ति को अभी तक न्याय नहीं मिला है। उसकी जीवन भर की कमाई को ठगों ने एक पल में उड़ा दिया। पुलिस आश्वासन देकर पीड़ित को टालती आ रही है।
क्या है पूरा मामला
ज्ञापन में हरिपुरा निवासी पीड़ित कौशल कुमार मीणा ने बताया कि 20 जून 2024 को उसके साथ 5 लाख 66 हजार 500 रूपए की ऑनलाइन ठगी हो गई थी। लेकिन पुलिस साइबर ठग से मात्र एक लाख रूपए ही बरामद कर सकी है। शेष 4 लाख 66 हजार 500 रूपए अभी भी बरामद नहीं किए जा सके हैं और न ही मुख्य आरोपी को पकड़ा जा सका है। जबकि घटना को 5 माह पूरे हो चुके हैं। इस मामले में पिछले साल भी सांसद व एसपी ज्ञापन देकर अवगत कराया जा चुका है। ज्ञापन देने वालों में हेमन्त मीणा बटावदा, गिरिराज मीणा सुन्दलक, राकेश मीणा बटावदा, बैजनाथ मीणा रजपाली, महावीर मीणा हरिपुरा, धनराज मीणा बटावदा सहित मीणा समाज के युवा शामिल थे।
इस तरह हुई थी ऑनलाइन ठगी
ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि 22 जून 2024 को प्रार्थी के मोबाइल नम्बर पर 9928599306 पर अनजान नम्बर 8235879169 से कॉल आया। जो ट्रू कॉलर पर अभिषेक बैरागी, एयू बैंक क्रेडिटकार्ड डिपार्टमेंट प्रदर्शित हो रहा था। कॉल करने वाले ने खुद को बैंककर्मी बताते हुए कहा कि "आपका अनावश्यक चार्ज कट रहा है। मैं लिंक भेज रहा हूं, जिसे डाउनलोड करने पर अनावश्यक चार्ज कटना बंद हो जाएगा और जो अब तक कटा है, वह भी वापस आपके खाते में आ जाएगा।"
मुझे कुछ समझ नहीं आने पर मैंने मोबाइल मेरे 15 वर्षीय पुत्र को सौंप दिया और मामला समझने को कहा। इस पर मेरा पुत्र जैसे ठग कहता गया, वैसे मोबाइल पर लिंक डाउनलोड करता गया। फिर ठग ने बैंक में किसी प्रकार की समस्या आने पर कस्टमर केयर नंबर भी लिखा दिए। इसके बाद हम हमारे काम में व्यस्त हो गए। दूसरे दिन 21 जून को शाम को 6 बजे बारां में चारमूर्ति चौराहा स्थित एयू बैंक की शाखा से मेरे पास फोन आया और कहा कि "आपको ऐसा क्या काम पड़ गया, जो 5 लाख रूपए की एफडी तुड़वा ली।"
एफडी मेरी पत्नी जसोदा बाई के नाम से थी। जो पिछले साल कराई थी। जिसके हमें 5 लाख 38 हजार रूपए मिलने थे। वहीं मेरे खाते में भी 33 हजार 500 रूपए जमा थे। हम दोनों पति-पत्नी के खाते एयू बैंक में हैं और मोबाइल नम्बर दोनों में समान है। बैंक से सूचना मिलते ही हम दोनों पति-पत्नी गांव से तुंरत बैंक पहुंचे और जानकारी ली। जिसमें सामने आया कि ठग द्वारा बैंक खाते हैक कर 50,000-50,000 हजार रूपए 10 और एक बार 33 हजार 500 रूपए निकाल लिए गए। जो अलग-अलग 7 बैंक खातों में ट्रांसफर करके निकाले जाना प्रदर्शित हो रहा था। ज्ञापन में कौशल मीणा ने बताया कि वह खेती-बाड़ी व मजदूरी करके परिवार का गुजर बसर कर रहा है।

Pratahkal Bureau
प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
