नगर निकाय चुनाव में भाजपा-कांग्रेस आमने-सामने, निर्दलीय फ्रंट बिगाड़ सकता है समीकरण
बारां नगर निकाय चुनाव में भाजपा-कांग्रेस के बीच मुकाबला तेज, निर्दलीय फ्रंट की सक्रियता से बदल सकते हैं चुनावी समीकरण और परिणाम।

तस्वीर में बाएं से दाएं प्रमोद जैन भाया, भाजपा जिलाध्यक्ष नरेश सिंह सिकरवार और कमल राठौर नजर आ रहे हैं।
बारां। नगर निकाय और पंचायती राज चुनाव को लेकर बारां जिले में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। यहां भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला नजर आ रहा है, लेकिन तीसरे फ्रंट के रूप में निर्दलीय मोर्चे की सक्रियता चुनावी मुकाबले को रोचक बनाने के साथ-साथ अप्रत्याशित परिणामों की संभावना भी पैदा कर रही है।
कांग्रेस अंता विधानसभा चुनाव के बाद पूर्व मंत्री तथा विधायक प्रमोद जैन भाया के नेतृत्व में फिर से सक्रिय दिखाई दे रही है। पार्टी कार्यकर्ताओं में पहले जैसा उत्साह और जोश नजर आ रहा है। वहीं अंता चुनाव में करारी हार के बाद भाजपा के सामने आंतरिक चुनौतियां बनी हुई हैं। पार्टी में अंतरद्वंद्व की स्थिति के साथ-साथ मजबूत पृष्ठभूमि वाले कार्यकर्ताओं की कमी भी चर्चा का विषय बनी हुई है, जिसके चलते भाजपा को चुनाव में कड़ी मेहनत करनी होगी।
बारां नगर परिषद चुनाव में त्रिकोणीय मुकाबले की संभावना जताई जा रही है। भाजपा जहां राज्य सरकार के सत्तासीन होने के साथ जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों के क्रियान्वयन को अपनी उपलब्धि के रूप में जनता के बीच रखेगी, वहीं कांग्रेस भाजपा की कमियों को मुद्दा बनाने की तैयारी में है।
दूसरी ओर निर्दलीय फ्रंट की कमान संभाल रहे कमल राठौर के नेतृत्व में उनके समर्थक पूरी रणनीति के साथ चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी कर चुके हैं। कमल राठौर अपने पुराने कार्यकाल में हुए विकास कार्यों को भी जनता के सामने रखने की योजना बना रहे हैं।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि चुनावी मुकाबले में किसका पलड़ा भारी रहेगा, क्योंकि भाजपा, कांग्रेस और निर्दलीय सभी अपने-अपने वार्डों में समर्थकों और कार्यकर्ताओं के साथ मंथन में जुटे हुए हैं। कई वार्डों में आम मतदाताओं की दोनों प्रमुख दलों से नाराजगी भी सामने आ रही है। ऐसे में जनता, कार्यकर्ता और समर्थक किस पक्ष में अपना समर्थन देते हैं, यही चुनाव का महत्वपूर्ण मोड़ साबित होगा।
इधर शुक्रवार को भाजपा जिलाध्यक्ष नरेश सिंह सिकरवार ने आगामी नगर निकाय और पंचायती राज चुनाव को लेकर कार्यकर्ताओं की बैठक ली। बैठक में उन्होंने जीत का संकल्प दिलाते हुए कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर पर सक्रिय होकर कार्य करने के लिए प्रेरित किया।
हालांकि आमजन के बीच भाजपा के जनप्रतिनिधियों, नेताओं और सरकार की कार्यप्रणाली को लेकर हो रही चर्चाओं के आधार पर पार्टी के सामने चुनौतियां बनी हुई हैं। एक ओर जहां वार्डों में विकास कार्यों की मांग है, वहीं दूसरी ओर पार्टी के प्रमुख और कद्दावर कार्यकर्ताओं की अनुपस्थिति भी चर्चा का विषय बनी हुई है।
वहीं कांग्रेस पूर्व मंत्री एवं अंता विधायक प्रमोद जैन भाया के नेतृत्व में एकजुट होकर चुनावी तैयारियों में जुट चुकी है। नगर निकाय और पंचायती राज चुनाव को लेकर कांग्रेस कई बैठकों के माध्यम से अपनी रणनीति स्पष्ट कर चुकी है।
इन दोनों प्रमुख दलों के लिए बारां नगर परिषद चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी चुनौती बन सकते हैं। कमल राठौर की अगुवाई में निर्दलीय समर्थक नगर परिषद चुनाव के लिए तैयारियों में जुटे हुए हैं। हालांकि अभी चुनावी तस्वीर पूरी तरह स्पष्ट नहीं हुई है।
जैसे-जैसे चुनाव का समय नजदीक आएगा, राजनीतिक समीकरण भी साफ होते जाएंगे। इसके बाद राजनीतिक रणनीतिकार अपनी चालें चलेंगे, जिसका सीधा असर चुनावी परिणामों पर पड़ सकता है।

Rajendra Sharma, Baran
नाम: राजेंद्र शर्मा
वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)
कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर
परिचय
राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
- राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
- राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
- दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
- दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
- दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
- अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।
