नेत्रदान से अमर हुई मानवता: विमल कुमार जैन के परिवार ने दो जीवनों में जगाई रोशनी
बारां की न्यू जैन कॉलोनी निवासी स्वर्गीय विमल कुमार जैन के आकस्मिक निधन के बाद उनके परिजनों ने शाइन इंडिया फाउंडेशन के सहयोग से नेत्रदान करवाकर एक सराहनीय पहल की है。

जीवन की अंतिम विदाई के बाद भी किसी के जीवन में उजाला बिखेरना मानवता की सर्वोच्च मिसाल माना जाता है। बारां के न्यू जैन कॉलोनी क्षेत्र में ऐसा ही प्रेरणादायक उदाहरण सामने आया, जहां स्वर्गीय विमल कुमार जैन के निधन के उपरांत उनके परिजनों ने नेत्रदान करवाकर दो दृष्टिहीन व्यक्तियों के जीवन में नई रोशनी पहुंचाने का मार्ग प्रशस्त किया।
न्यू जैन कॉलोनी, कृष्णा टॉकीज के पास निवासी स्वर्गीय विमल कुमार जैन पुत्र स्वर्गीय हरिश्चंद्र जैन के आकस्मिक निधन के बाद उनके पुत्र ऋषभ जैन ने नेत्रदान कराने की इच्छा व्यक्त की। इस संबंध में वरिष्ठ पत्रकार अमित जैन से संपर्क किया गया, जिन्होंने तत्काल शाइन इंडिया फाउंडेशन के बारां संयोजकों को सूचना दी। सूचना प्राप्त होते ही कोटा से डॉ. कुलवंत गौड़ एवं उनकी विशेषज्ञ टीम बारां पहुंची और लगभग एक घंटे के भीतर नेत्रदान की संपूर्ण प्रक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न कराई।
स्वर्गीय विमल कुमार जैन मूल रूप से मध्यप्रदेश के बड़े गांव, मुरार (ग्वालियर) के निवासी थे, लेकिन पिछले एक दशक से अधिक समय से बारां में निवास कर रहे थे। इस मानवीय निर्णय में उनके पुत्र ऋषभ जैन, पुत्री वर्षा जैन तथा कोलकाता निवासी दामाद अंकित जैन ने सहमति प्रदान कर सामाजिक उत्तरदायित्व का उल्लेखनीय परिचय दिया।
नेत्रदान को मृत्यु के पश्चात भी जीवनदान का माध्यम माना जाता है। इसके जरिए दृष्टिहीन व्यक्तियों को नई दृष्टि और बेहतर जीवन का अवसर प्राप्त होता है। यह पहल समाज में सेवा, संवेदना और मानव कल्याण की भावना को सशक्त बनाते हुए अन्य परिवारों को भी नेत्रदान के लिए प्रेरित करती है।
भारत विकास परिषद, बारां द्वारा पिछले चार वर्षों से नेत्रदान, अंगदान एवं देहदान के प्रति जनजागरण अभियान संचालित किया जा रहा है। परिषद एवं सहयोगी संस्थाओं के संयुक्त प्रयासों से अब तक 80 से अधिक नेत्रदान संपन्न हो चुके हैं, जिनके माध्यम से लगभग 150 से अधिक दृष्टिहीन व्यक्तियों को नेत्र ज्योति प्राप्त करने का अवसर मिला है।
स्वर्गीय विमल कुमार जैन के परिजनों का यह निर्णय न केवल मानव सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभरा है, बल्कि समाज में नेत्रदान के प्रति जागरूकता और सकारात्मक सोच को भी नई दिशा प्रदान करता है।

Rajendra Sharma, Baran
नाम: राजेंद्र शर्मा
वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)
कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर
परिचय
राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
- राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
- राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
- दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
- दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
- दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
- अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।
