हिंदुत्व के बिना भारत की कल्पना अधूरी: आचार्य केवल शिक्षक नहीं, राष्ट्र निर्माता हैं
विद्या भारती के आचार्य विकास वर्ग में आरएसएस विभाग प्रचारक हेमेंद्र कुमार ने हिंदुत्व को भारत की पहचान बताया। जानिए, कैसे छबड़ा में आयोजित इस विशेष प्रशिक्षण सत्र में राष्ट्र निर्माण और संस्कृति के संरक्षण का संकल्प लिया गया।

तस्वीर में बारां के आदर्श विद्या मंदिर में आयोजित 10 दिवसीय नव चयनित आचार्य विकास वर्ग के दौरान उपस्थित शिक्षक एवं वक्ता।
बारां/छबड़ा: विद्या भारती द्वारा संचालित आदर्श विद्या मंदिर, छबड़ा में आयोजित 10 दिवसीय 'नव चयनित आचार्य विकास वर्ग' के दौरान रविवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के बारां विभाग प्रचारक हेमेंद्र कुमार ने उपस्थित आचार्यों को संबोधित करते हुए हिंदुत्व की महत्ता और भारतीय संस्कृति के मूल स्वरूप पर गहन प्रकाश डाला। उन्होंने अपने प्रेरक उद्बोधन में स्पष्ट किया कि हिंदुत्व ही भारत की वास्तविक सांस्कृतिक पहचान है और इसके बिना भारत की कल्पना करना सर्वथा अधूरा है।
हेमेंद्र कुमार ने आचार्यों की भूमिका को परिभाषित करते हुए कहा कि एक आचार्य केवल पाठ्यक्रम पढ़ाने वाला शिक्षक मात्र नहीं होता, अपितु वह समाज और राष्ट्र के भविष्य का निर्माण करने वाला शिल्पी होता है। उन्होंने कहा कि जो भारतवर्ष को अपनी मातृभूमि, पितृभूमि, पुण्यभूमि और कर्मभूमि के रूप में स्वीकार करता है, वही हिंदू है। उन्होंने विश्व पटल पर भारत की बढ़ती साख का उल्लेख करते हुए कहा कि आज हमारा देश ज्ञान, विज्ञान, योग और आयुर्वेद की प्राचीन विरासत के माध्यम से संपूर्ण विश्व को शांति और मानव कल्याण का मार्ग प्रशस्त कर रहा है।
इस वैचारिक सत्र का शुभारंभ भारत माता एवं मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। कार्यक्रम की रूपरेखा की जानकारी देते हुए विद्या भारती के जिला सचिव और वर्ग संयोजक राजेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि आयोजन में शिक्षकों के सर्वांगीण विकास पर जोर दिया जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान आदर्श विद्या मंदिर, छबड़ा के प्रधानाचार्य अमृतलाल मीणा का जन्मदिन भी भारतीय परंपरा के अनुरूप मनाया गया, जहाँ उन्होंने पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेकर समाज के समक्ष एक आदर्श प्रस्तुत किया। सत्र का समापन सामूहिक रूप से संगीतमय 'वंदे मातरम्' के गायन के साथ हुआ, जिसने उपस्थित जनसमूह में राष्ट्रभक्ति का संचार कर दिया। यह प्रशिक्षण वर्ग आचार्यों में वैचारिक स्पष्टता और राष्ट्रीय चेतना के प्रसार का एक महत्वपूर्ण माध्यम सिद्ध हो रहा है।

Rajendra Sharma, Baran
नाम: राजेंद्र शर्मा
वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)
कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर
परिचय
राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
- राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
- राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
- दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
- दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
- दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
- अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।
