बारां नगर परिषद में एक ही भूखंड के दो पट्टे जारी होने का मामला
इंदिरा गांधी कॉलोनी के भूखंड पर दो पट्टे जारी करने की शिकायत पर आयुक्त को सौंपा ज्ञापन, विभागीय मिलीभगत और दस्तावेजों में हेरफेर का गंभीर आरोप।

बारां शहर में नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रशासन की कथित मिलीभगत और लापरवाही का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने विभागीय भ्रष्टाचार की पोल खोलकर रख दी है। शहर की इंदिरा गांधी कॉलोनी में स्थित दो भूखंडों का पट्टा एक व्यक्ति के नाम पर पूर्व में जारी होने के बावजूद, नगर परिषद ने मिलीभगत कर उन्हीं भूखंडों का दूसरा पट्टा किसी अन्य व्यक्ति के नाम जारी कर दिया। इस प्रशासनिक अनियमितता के उजागर होने के बाद पीड़ित ने पट्टा निरस्त करने की मांग करते हुए कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
गढ़ कॉलोनी, सब्जी मंडी निवासी चंद्रप्रकाश मालव ने नगर परिषद आयुक्त को दिए गए पत्र में बताया कि इंदिरा गांधी नगर के खसरा संख्या 271 स्थित भूखंड संख्या 5 और 34 का पट्टा नगर परिषद द्वारा 7 फरवरी 2013 को विधिवत उनके नाम पर जारी किया गया था। पीड़ित का दावा है कि इस भूमि पर उन्होंने निर्माण कार्य के तहत नींव और बाउंड्री का कार्य भी पूर्ण कर लिया है। लेकिन, 12 मार्च 2026 को नगर परिषद ने आश्चर्यजनक रूप से उन्हीं भूखंडों का पट्टा महावीर प्रसाद जैन नामक व्यक्ति के नाम पर जारी कर दिया। पीड़ित का आरोप है कि यह कृत्य नगर परिषद के कर्मचारियों की मिलीभगत और दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़ का परिणाम है।
शिकायत के अनुसार, महावीर प्रसाद के पक्ष में जारी किया गया पट्टा एक पुराने इकरारनामे (26 अक्टूबर 1993) पर आधारित है। पीड़ित ने तर्क दिया है कि उक्त इकरारनामा केवल एक प्रारंभिक समझौता मात्र था, जिसका पूर्ण भुगतान कभी नहीं हुआ और न ही उसके आधार पर कोई मालिकाना हक हस्तांतरित होता है। कानूनी रूप से अमान्य आधार पर नया पट्टा जारी कर देना परिषद की गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। चंद्रप्रकाश मालव ने स्पष्ट किया है कि यदि अवैध पट्टा और रजिस्ट्री को तत्काल प्रभाव से निरस्त नहीं किया गया, तो वे नगर परिषद के विरुद्ध दीवानी और फौजदारी धाराओं के तहत कानूनी कार्यवाही करेंगे।
यह प्रकरण ऐसे समय में सामने आया है जब हाल ही में श्रीगंगानगर नगर विकास न्यास द्वारा एक ही भूमि के दो पट्टे जारी करने के मामले में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर सचिव सहित आधा दर्जन से अधिक अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया था। उस बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई के बाद बारां का यह मामला पूरे प्रशासनिक अमले में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब देखना यह होगा कि नगर परिषद प्रशासन अपनी इस बड़ी गलती को सुधारने के लिए क्या कदम उठाता है या फिर यह मामला भी लंबी कानूनी लड़ाई का हिस्सा बन जाता है।

Rajendra Sharma, Baran
नाम: राजेंद्र शर्मा
वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)
कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर
परिचय
राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
- राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
- राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
- दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
- दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
- दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
- अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।
