बारां। जब-जब भी शहर में अतिक्रमण हटाने की बारी आई है, तब-तब ही सबसे पहले शहर के चार मूर्ति चौराहे से और प्रताप चौक तक सड़क किनारे फुटपाथ पर गुमटी, हाथ ठेला एवं थड़ी लगाकर दाल-रोटी का जुगाड़ करने वाले लोगों की शामत आई है। इस बार भी ऐसा ही हुआ है। बेचारे बेबस लोग कभी कलेक्टर और कभी सांसद कार्यालय, तो कभी भाजपा जिलाध्यक्ष या फिर विधायक तक अपनी गुहार लेकर पहुंचे, परंतु हल अभी तक नहीं निकला। आश्चर्य की बात तो यह है कि जब विधायक ने मना कर दिया और भाजपा जिलाध्यक्ष ने स्पष्ट लहजे में कार्यवाही नहीं करने की बात कही, फिर भी नगर परिषद का अतिक्रमण हटाओ दस्ता अभियान को गति देता नजर आया।

नेताओं के निर्देशों की अनदेखी और प्रशासनिक मनमानी

यहां तक कि जब यह पीड़ित सांसद कार्यालय पर भाजपा जिला अध्यक्ष नरेश सिंह सिकरवार से मिले, तब उन्होंने नगर परिषद के कार्यवाहक आयुक्त भुवनेश मीणा को साफ शब्दों में कहा था कि "इनकी समस्या का हल निकालना चाहिए, बेवजह इन्हें परेशान ना करें, अन्यथा शिकायत ऊपर तक जाएगी।" इसके बावजूद कार्रवाई जारी रही। विधायक राधेश्याम बेरवा से भी थड़ी होल्डरों का प्रतिनिधि मंडल दीपक कालरा व कुशलपाल प्रजापति इत्यादि की अगवानी में जयपुर जाकर मिला था। उस समय विधायक बैरवा ने भी भुवनेश मीणा को स्पष्ट किया था कि "किसी भी प्रकार की कार्यवाही उनके आने तक नहीं की जाए।" मगर इसके उलट नगर परिषद का दस्ता सक्रिय बना रहा।

बिना औपचारिक आदेश के कार्रवाई पर उठे सवाल

बारां व्यापार संघ के अध्यक्ष योगेश बाटा ने कई बार जिला कलेक्टर, आयुक्त, विधायक एवं भाजपा जिला अध्यक्ष इत्यादि से इस संदर्भ में चर्चा की और कहा कि "किसी की रोजी-रोटी का नुकसान ना हो, इस प्रकार की योजना बनाकर इन्हें स्थाई रूप से स्थान दिया जाना चाहिए।" परंतु नगर परिषद का अतिक्रमण दस्ता किसी आदेश की पालना के तहत चल रहा है, यह पता अभी औपचारिक रूप से नहीं लगा है। बिना आदेश के कार्यवाहक आयुक्त भुवनेश मीणा की अगवानी में अतिक्रमण हटाओ अभियान दस्ता भी कार्यवाही नहीं कर सकता, इसलिए इस बात का भी खुलासा होना चाहिए कि यह अतिक्रमण हटाने के आदेश कौन दे रहा है? और यदि कोई दे रहा है तो उसे सामने आना चाहिए, उसे किस बात का डर है?

न्याय का आश्वासन और भविष्य की अनिश्चितता

वर्तमान में भाजपा जिला अध्यक्ष नरेश सिंह सिकरवार एवं विधायक राधेश्याम बेरवा तथा व्यापार संघ अध्यक्ष योगेश बाटा ने सभी फुटकर, थड़ी होल्डर, गुमटी एवं हाथ ठेला व्यवसाईयों को आश्वस्त किया है कि उनके साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। राजेंद्र शर्मा की रिपोर्ट के अनुसार, अब सवाल यह बना हुआ है कि आखिर नगर परिषद के अतिक्रमण हटाओ दस्ते को कौन आदेश दे रहा है, जिसका पता अभी तक किसी को नहीं है।

Rajendra Sharma, Baran

Rajendra Sharma, Baran

नाम: राजेंद्र शर्मा

वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)

कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर

परिचय 

राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

  • राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
  • राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
  • दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
  • दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
  • दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
  • अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।

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