बारां: नगर परिषद के अधिशाषी अभियंता के खिलाफ जानलेवा हमले का परिवाद दर्ज
नेता प्रतिपक्ष दिलीप शाक्यवाल ने अधिशाषी अभियंता भुवनेश मीणा और जेसीबी चालक पर पिता के आवास पर तोड़फोड़ और हमले का आरोप लगाया है।

बारां में नगर परिषद की कार्रवाई के दौरान नेता प्रतिपक्ष दिलीप शाक्यवाल के पिता दुर्गाशंकर शाक्यवाल और अधिशाषी अभियंता भुवनेश मीणा के बीच विवाद हुआ।
बारां शहर में नगर परिषद की कार्यप्रणाली को लेकर उपजा विवाद अब गंभीर कानूनी मोड़ ले चुका है। नगर परिषद के नेता प्रतिपक्ष दिलीप शाक्यवाल ने जिला पुलिस अधीक्षक को एक औपचारिक परिवाद सौंपते हुए नगर परिषद के अधिशाषी अभियंता भुवनेश मीणा और जेसीबी चालक कपिल मीणा पर जानलेवा हमले का गंभीर आरोप लगाया है। इस घटनाक्रम ने स्थानीय राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है।
घटना का विवरण देते हुए परिवाद में बताया गया है कि गत 4 जून 2026 को नारेड़ा रोड स्थित बरड़िया में नेता प्रतिपक्ष के पिता दुर्गाशंकर शाक्यवाल के आवास पर अधिशाषी अभियंता भुवनेश मीणा जेसीबी मशीन के साथ पहुंचे। आरोप है कि मौके पर पहुंचते ही जेसीबी चालक कपिल मीणा ने बिना किसी पूर्व सूचना के आवास पर तोड़फोड़ शुरू कर दी। जब दुर्गाशंकर शाक्यवाल ने इस कार्रवाई का विरोध किया, तो उनके साथ न केवल अभद्र व्यवहार किया गया, बल्कि उन्हें गालियां भी दी गईं।
मामले की गंभीरता तब और बढ़ गई जब परिवाद में आरोप लगाया गया कि अधिशाषी अभियंता भुवनेश मीणा के सीधे निर्देश पर जेसीबी चालक ने मशीन के बांकेट (फावड़े) से दुर्गाशंकर शाक्यवाल पर जानलेवा हमला करने का प्रयास किया। यह तो गनीमत रही कि मौके पर मौजूद सुधीश डागर, सत्यनारायण गुर्जर और विजय शाक्यवाल ने समय रहते बीच-बचाव किया, जिससे एक बड़ी अनहोनी टल गई।
दिलीप शाक्यवाल ने अपने परिवाद में यह स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई किसी प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा नहीं, बल्कि द्वेषपूर्ण भावना से प्रेरित है। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर परिषद के कामकाज में अनियमितताओं को लेकर उनके द्वारा की गई शिकायतों के चलते उनके परिवार को निशाना बनाया जा रहा है। नेता प्रतिपक्ष ने इस मामले में कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने इस संकट की घड़ी में भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष नरेश सिंह सिकरवार सहित संगठन के सभी वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विपरीत परिस्थितियों में पार्टी का समर्थन उनके लिए संबल है। अब सभी की निगाहें पुलिस द्वारा की जाने वाली आगामी कार्रवाई और जांच के नतीजों पर टिकी हैं।

