बारां: छीपाबड़ौद हत्या मामले में 19 साल से फरार 20 हजार का इनामी गिरफ्तार
बारां पुलिस की जिला विशेष टीम ने 'ऑपरेशन अदृश्य' के तहत ग्वालियर से इनामी बदमाश कल्ली उर्फ बल्लू जाटव को पकड़ा, 2007 से पहचान बदलकर काट रहा था फरारी।

बारां। जिला विशेष टीम ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए 19 साल से अपनी पहचान बदलकर रह रहे हत्या के आरोपी को धर दबोचा है। पुलिस अधीक्षक बारां अभिषेक अंदासु ने बताया कि थाना छीपाबड़ौद के प्रकरण संख्या 121/2007 में वांछित हत्या के ईनामी आरोपियों की गिरफ्तारी हेतु राजेश चौधरी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बारां के सुपरविजन में जिला विशेष टीम के नेतृत्व में ऑपरेशन अदृश्य चलाया गया। चूंकि आरोपी बड़े शातिर किस्म का है जो अपनी पहचान छिपाकर लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था जो कि घटना के लगभग 19 वर्षों से ही फरार चल रहा था जो पुलिस की नजरों से अदृश्य था, इसलिए इस ऑपरेशन का नाम अदृश्य रखा गया।
तीन महीने का गुप्त मिशन और फील्ड वेरिफिकेशन
इस ऑपरेशन के तहत जिला विशेष टीम के सदस्यों द्वारा लगभग पिछले 03 माह से लगातार उक्त आरोपी के बारे में आसूचना संकलन हेतु आरोपी के संभावित फरारी काटने वाले स्थानों, उसके परिजनों, रिश्तेदारों व यार-दोस्तों पर पैनी नजर रखी गई। आरोपी जिला शिवपुरी, ग्वालियर (मध्यप्रदेश) के आसपास के ग्रामीण इलाकों में गुप्त रूप से अपनी पहचान छिपाकर इधर-उधर घूमता फिरता रहता था, जिसकी आसूचना संकलन व फील्ड वेरिफिकेशन किया जाकर मुल्जिम के रहने की पुख्ता जानकारी प्राप्त की गई।
ग्वालियर से दबोचा गया 20 हजार का ईनामी कल्ली उर्फ बल्लू
जिला विशेष टीम के द्वारा की गई सटीक सूचना संकलन के तहत ऐतिहासिक सफलता हासिल करते हुए वर्ष 2007 से फरार चल रहे हत्या के अपराधी कल्ली उर्फ बल्लू जाटव पुत्र मांगीलाल उर्फ बाबूलाल जाति जाटव उम्र 44 साल निवासी मोहना थाना मोहना जिला ग्वालियर (म०प्र०) को जिला ग्वालियर (मध्यप्रदेश) से डिटेन कर गिरफ्तार किया गया। यह अपराधी पिछले 19 वर्षों से कानून की गिरफ्त से दूर था व पुलिस की आँखों में धूल झोंक रहा था जिसकी गिरफ्तारी पर 20 हजार रूपये का ईनाम भी घोषित था। इससे पूर्व दिनांक 10.01.2026 को उक्त प्रकरण में फरार वांछित दो आरोपी बल्ले उर्फ बाला ओढ व लक्ष्मण ओढ को गिरफ्तार किया जा चुका है।
क्या था साल 2007 का वह जघन्य हत्याकांड?
घटना का विवरण इस प्रकार है कि दिनांक 14.06.2007 को थाना छीपाबड़ौद पर माननीय एसीजेएम न्यायालय छीपाबडोद से इस्तगासा फरियादी श्री लक्ष्मण पुत्र श्री मानसिह ओड निवासी कोलूखेडी थाना जावर जिला झालावाड द्वारा पेश किया हुआ प्राप्त हुआ। "जिसमें उल्लेख था कि दिनांक 29.04.2007 को बालापुरा थाना छीपाबडौद में ओड समाज का सामुहिक विवाह सम्मेलन था जिसमें हम सभी भाई आये थे। रात्रि को हम खाना खाकर सो गये थे सुबह मेरा भाई मोतीलाल ओड नहीं मिला जिसकी तलाश की कोई पता नहीं चला। दिनांक 01.05.2007 को मेरे भाई की लाश बालापुरा सम्मेलन स्थल के पास के खाल में पड़ी हुई थी जिसके शरीर पर चोटें आयी हुई तथा मुंह तेजाब से जला हुआ था। मेरे भाई की पप्पू ओढ निवासी मोहना थाना मोहना जिला ग्वालियर से रंजिश थी।"
पुलिस अनुसंधान और आरोपियों की गिरफ्तारी का क्रम
उक्त इस्तगासा पर थाना छीपाबड़ौद पर प्रकरण संख्या 121/2007 धारा 147, 148, 149, 302, 120बी IPC में दर्ज कर अनुसंधान प्रारम्भ किया गया था। अनुसंधान के दौरान मुलजिम पप्पू ओड को दिनांक 09.12.2009 को गिरफ्तार किया गया था। मुलजिम बल्ले उर्फ बाला ओढ, निवासी मोहना जिला ग्वालियर, लक्ष्मण ओढ निवासी भूराचक जिला गुना व कल्ली उर्फ बल्लू जाटव निवासी मोहना जिला ग्वालियर घटना के बाद से ही फरार चल रहे थे। मुलजिमान बल्ले उर्फ बाला ओढ व लक्ष्मण ओढ को दिनांक 10.01.2026 को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भिजवाया गया। गिरफ्तार ईनामी अपराधी कल्ली उर्फ बल्लू जाटव पुत्र मांगीलाल उर्फ बाबूलाल जाति जाटव उम्र 44 साल निवासी मोहना थाना मोहना जिला ग्वालियर (म०प्र०) है।
सफलता हासिल करने वाली जिला विशेष टीम
इस सफल कार्रवाई को अंजाम देने वाली जिला विशेष टीम में आकाश शिन्धे स०उ०नि० (विशेष भूमिका), शाहबुद्दीन स०उ०नि०, हरिप्रसाद कानि०, बलवान कानि० एवं चालक महावीर कानि० शामिल रहे।

Rajendra Sharma, Baran
नाम: राजेंद्र शर्मा
वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)
कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर
परिचय
राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
- राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
- राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
- दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
- दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
- दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
- अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।
