बारां। राजस्थान के बारां जिले में आगामी नगर परिषद चुनावों से पहले सियासी पारा गरमा गया है, जहाँ फर्जी मतदाताओं के नाम जोड़ने के गंभीर आरोपों ने चुनावी निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कांग्रेस जिलाध्यक्ष रामचरण मीणा ने इस पूरे प्रकरण में सक्रिय भूमाफिया और 'नटवरलाल' गिरोह की संलिप्तता का दावा करते हुए राज्य निर्वाचन आयोग जयपुर और जिला निर्वाचन अधिकारी बारां को पत्र लिखकर कठोर कार्यवाही की मांग की है। यह मामला न केवल राजनीतिक वर्चस्व की लड़ाई बन गया है, बल्कि प्रशासन के लिए भी एक बड़ी चुनौती के रूप में उभरा है।

कांग्रेस जिला संगठन महामंत्री कैलाश जैन द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, बारां-अटरू विधानसभा क्षेत्र में संचालित एस.आई.आर. कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में विसंगतियां सामने आई थीं। बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर किए गए सत्यापन में पाया गया कि लगभग 23,500 मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं, जिनमें से 4,500 मतदाताओं की मृत्यु हो चुकी है और 19,500 ऐसे हैं जो स्थायी रूप से पलायन कर चुके हैं या जिनके नाम दो स्थानों पर दर्ज थे। इस शुद्धिकरण के बाद अब आरोप लग रहे हैं कि कुछ रसूखदार भूमाफिया, जो कूटरचित दस्तावेजों के माध्यम से करोड़ों की जमीनों के हेरफेर में माहिर हैं, आगामी चुनावों को प्रभावित करने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों के कम पढ़े-लिखे और वंचित वर्ग के लोगों का सहारा ले रहे हैं।

रामचरण मीणा ने अपने पत्र में खुलासा किया है कि ये भूमाफिया अपने व्यापारिक और अवैध हितों को साधने के लिए आस-पास के गांवों के लोगों की आईडी लेकर उन्हें बारां नगर परिषद के विभिन्न वार्डों में फर्जी पतों पर मतदाता के रूप में पंजीकृत करवा रहे हैं। अचानक ग्रामीण क्षेत्रों से शहरी क्षेत्रों की ओर बढ़ते इस कृत्रिम पलायन पर संदेह जताते हुए उन्होंने सवाल उठाया है कि क्या इन लोगों को शहर में रातों-रात रोजगार मिल गया है या इनके पास आवास के कोई पुख्ता प्रमाण हैं। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि इन फर्जी मतदाताओं को चुनाव के दिन आवागमन का खर्च, भोजन और नकद राशि का प्रलोभन दिया जा रहा है, ताकि वे भूमाफियाओं के मनचाहे उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान कर सकें।

लोकतंत्र की गरिमा की रक्षा के लिए कांग्रेस नेतृत्व ने मांग की है कि प्रपत्र-6 के माध्यम से जुड़ने वाले सभी नए नामों का आधार संख्या से लिंक करते हुए भौतिक सत्यापन किया जाए। मीणा ने राज्य निर्वाचन आयोग से आग्रह किया है कि एक आरएएस (RAS) अधिकारी के नेतृत्व में विशेष दल का गठन कर सघन अभियान चलाया जाए, नए पतों के आधिकारिक प्रमाणों की जांच हो और पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी करवाई जाए। यह कदम न केवल फर्जी मतदान को रोकने के लिए आवश्यक है, बल्कि उन 'नटवरलाल' प्रवृत्तियों पर लगाम लगाने के लिए भी जरूरी है जो किसी भी राजनीतिक दल के प्रति निष्ठा न रखकर केवल अपने आर्थिक लाभ के लिए लोकतांत्रिक ढांचे को क्षति पहुँचाने का प्रयास कर रहे हैं। निष्पक्ष चुनाव की शुचिता बनाए रखना अब पूरी तरह से निर्वाचन विभाग की सक्रियता पर निर्भर है।

Pratahkal Newsroom

Pratahkal Newsroom

प्रातःकाल न्यूज़-रूम, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, समयबद्ध और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा न्यूज़-रूम राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।

Next Story