बारां: खाद-बीज की कालाबाजारी रोकने के लिए विधायक ने की समीक्षा बैठक
किशनगंज विधायक डॉ. ललित मीणा ने विक्रेताओं को निर्देश दिए कि किसानों पर किसी भी प्रकार का अतिरिक्त आर्थिक बोझ न डाला जाए और खाद की सुचारू उपलब्धता सुनिश्चित हो।

किशनगंज विधायक डॉ. ललित मीणा समरानियां में खाद-बीज की उपलब्धता और वितरण प्रणाली को लेकर किसानों और विक्रेताओं के साथ समीक्षा बैठक करते हुए।
बारां। किशनगंज विधायक डॉ. ललित मीणा ने बुधवार को समरानियां में किसानों एवं खाद-बीज विक्रेताओं के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की। वंदे गंगा जल मिशन के अंतर्गत आयोजित इस बैठक में कृषि विभाग के उच्च अधिकारियों और स्थानीय विक्रेताओं के साथ क्षेत्र में खाद की उपलब्धता और वितरण प्रणाली पर गहन चर्चा की गई।
विधायक डॉ. मीणा ने बैठक के दौरान स्पष्ट किया कि पिछले कुछ समय से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि यूरिया और डीएपी खाद की बिक्री के समय कुछ थोक विक्रेताओं द्वारा किसानों पर जबरन अन्य दवाइयां या गैर-जरूरी उत्पाद थमाकर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला जा रहा है। उन्होंने इसे गंभीरता से लेते हुए कहा कि अन्नदाताओं पर किसी भी प्रकार का अनुचित दबाव स्वीकार्य नहीं है।
प्रशासन को निर्देशित करते हुए विधायक ने जिले में खाद और बीज की सुचारू उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए एडवांस प्लानिंग और स्टॉक की नियमित मॉनिटरिंग के आदेश दिए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि खाद की किल्लत का कृत्रिम अभाव दिखाकर उसे निर्धारित मूल्य से अधिक दामों पर बेचने वाले कालाबाजारियों के खिलाफ सख्त विजिलेंस जांच की जाएगी।
डॉ. मीणा ने कहा कि देश का पेट भरने वाले किसान की पसीने की कमाई को किसी भी कीमत पर बर्बाद नहीं होने दिया जाएगा। बैठक के अंत में उन्होंने क्षेत्र के समस्त किसानों का आह्वान किया कि यदि किसी भी किसान भाई को खाद-बीज प्राप्त करने में कोई समस्या आती है या कोई दुकानदार नियमों का उल्लंघन करता हुआ पाया जाता है, तो वे तुरंत इसकी सूचना कृषि विभाग को दें, ताकि दोषियों के विरुद्ध तत्काल सख्त कार्रवाई की जा सके।

Rajendra Sharma, Baran
नाम: राजेंद्र शर्मा
वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)
कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर
परिचय
राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
- राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
- राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
- दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
- दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
- दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
- अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।
