बारां निकाय चुनाव: कांग्रेस का दावा- घटा BJP का जनाधार, 3 निकायों में बना बोर्ड
बारां जिले के निकाय चुनाव परिणामों पर कांग्रेस नेताओं ने भाजपा पर निशाना साधा और 3 स्थानीय निकायों में बोर्ड बनाने का दावा किया।

तस्वीर में कांग्रेस नेता प्रमोद जैन भाया हाथ जोड़कर अभिवादन करते हुए दिखाई दे रहे हैं।
बारां जिले के शहरी निकाय चुनाव में कांग्रेस को मिले जनादेश को लेकर पूर्व मंत्री एवं अंता विधायक प्रमोद जैन भाया ने आमजन और मतदाताओं का आभार व्यक्त किया है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष हंसराज मीणा ने दावा किया कि ढाई साल के भाजपा शासन से जनता की नाराजगी शहरी निकाय चुनाव के नतीजों में सामने आई है और कांग्रेस का जनाधार वापस लौटा है।
वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में बारां जिले की चारों विधानसभा सीटें भाजपा के पक्ष में गई थीं, लेकिन कांग्रेस नेताओं के अनुसार डबल इंजन वाली भाजपा सरकार के ढाई साल के शासन से त्रस्त होकर जनता ने भाजपा से मुंह मोड़ लिया। कांग्रेस के मुताबिक यह रुझान वर्ष 2025 के अंता विधानसभा उपचुनाव में ही दिखाई देने लगा था, जहां कांग्रेस के प्रमोद जैन भाया ने 15,000 मतों के अंतर से भारी जीत दर्ज की थी।
पूर्व मंत्री एवं अंता विधायक प्रमोद जैन भाया ने वर्ष 2026 के शहरी निकाय चुनाव में मिले जनादेश पर आमजन और मतदाताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बारां की जनता ने भाजपा को पूरी तरह नकार दिया है। उन्होंने कहा कि जिले के 6 स्थानीय निकायों में से 3 में अंता, सीसवाली एवं अटरू में कांग्रेस का बोर्ड बनने पर बारां जिला कांग्रेस जनता का हृदय से आभार व्यक्त करता है। साथ ही उन्होंने कहा कि जिन 3 स्थानीय निकायों में मामूली अंतर से कांग्रेस विजय हासिल नहीं कर पाई, वहां संगठन अथवा चुनावी रणनीति में रही कमियों की कांग्रेस समीक्षा करेगी, सुधार करेगी और आने वाले चुनावों में फिर जनता का विश्वास हासिल करने के लिए पूरी मजबूती से मैदान में उतरेगी।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष हंसराज मीणा ने कहा कि ढाई साल में बारां जिले के स्थानीय भाजपा नेताओं द्वारा जनता को परेशान किया गया और नीचे से ऊपर तक पूरा डबल इंजन भाजपा का शासन होने के बावजूद जनता को राहत नहीं मिली। उनके अनुसार इससे भाजपा के विधायकों और बारां-झालावाड़ के भाजपा सांसद की जनता में पैठ पर बड़ा प्रश्न खड़ा हुआ है।
उन्होंने बारां शहर के नगर परिषद चुनावों का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में बारां शहर में भाजपा को कुल वैध मतों में से लगभग 54 प्रतिशत वोट यानी 41,800 मत मिले थे, जो घटकर 23 प्रतिशत यानी 17,500 रह गए। उनके अनुसार भाजपा के मत प्रतिशत में 31 प्रतिशत की भारी गिरावट हुई है। भाजपा 60 वार्डों में से केवल 9 वार्ड जीत पाई और 19 वार्डों में भाजपा की जमानत भी जब्त हो गई।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष के अनुसार, 15 वर्षों तक नगर परिषद में शासन करने के बावजूद कांग्रेस ने भाजपा से दोगुनी 18 सीटों पर विजय हासिल की और 29 सीटों पर दूसरे स्थान पर रही। उन्होंने कहा कि जिन 29 कांग्रेस प्रत्याशियों की हार हुई, उनमें से 6 प्रत्याशी 50 से भी कम वोटों से हारे, जबकि 5 अन्य कांग्रेस प्रत्याशियों के वोटों का अंतर 50 से 99 के बीच रहा। उनका दावा है कि यदि भाजपा सत्ता और प्रशासन का दुरुपयोग नहीं करती तो ये 11 सीटें भी कांग्रेस को मिलना तय था और बोर्ड कांग्रेस का ही बनता।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष हंसराज मीणा उदपुरिया ने कहा कि जनादेश के साथ सत्ता के दुरुपयोग से जो छेड़छाड़ की गई है, उसका जनता आने वाले पंचायत चुनावों और अगले विधानसभा चुनावों में जवाब देगी। उन्होंने कहा कि इससे भाजपा को जनता के बीच अपनी स्थिति की सच्चाई का पता चलेगा।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष के अनुसार, जिन शहरी क्षेत्रों को भाजपा का गढ़ माना जाता है, वहां भी बारां जिले में भाजपा की स्थिति लगभग सभी शहरी क्षेत्रों में कमजोर हुई है। उन्होंने कहा कि कहीं भी भाजपा का मत प्रतिशत नहीं बढ़ा, बल्कि गिरावट ही आई है। उनके अनुसार इन चुनावों में बारां शहर में भाजपा का जनाधार ही समाप्त हो गया है।
उन्होंने कहा कि सबसे बड़ा आश्चर्य यह है कि भाजपा का स्थानीय नेतृत्व इतना डर गया कि उसने सभापति पद के लिए अपने उम्मीदवार के पक्ष में अपने जीते हुए वार्ड पार्षदों को वोट ही नहीं डालने दिए। उन्होंने भाजपा जिलाध्यक्ष के उस वक्तव्य का भी उल्लेख किया, जिसमें कहा गया है कि वे जनादेश का सम्मान करते हैं। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने सवाल उठाया कि नामांकन भरते समय जनादेश का सम्मान क्यों नहीं किया गया और बारां जिले सहित जहां-जहां भाजपा को बहुमत नहीं मिला है, पूरे राज्य में क्या भाजपा ने सभी जगहों पर जनादेश का इसी तरह सम्मान किया और अपने उम्मीदवार खड़े नहीं किए।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा का यह दोहरापन और पाखंड अब जनता से छिपा नहीं है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि सत्ता के लालच में बारां शहर की स्थानीय भाजपा ने भूमाफियाओं से हाथ मिला लिया है, ताकि बारां शहर में मिलकर जमीनों के घोटाले किए जा सकें।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने आम आदमी पार्टी के नेता कमल राठौर का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कमल राठौर कई पार्टियों में रह चुके हैं और उनके विरुद्ध कई आपराधिक प्रकरण चल रहे हैं, जिनमें से कई भ्रष्टाचार के भी हैं। कांग्रेस जिलाध्यक्ष के अनुसार, कमल राठौर ने एक वीडियो जारी कर स्वयं कहा है, “मैं ही भाजपा हूं।”
हंसराज मीणा ने चेतावनी दी कि कांग्रेस सजग और मजबूत विपक्ष है तथा हर चीज पर पैनी निगाह रखेगी। उन्होंने कहा कि जहां-जहां घोटाला करने की कोशिश होगी, उन सभी घोटालों को पूरी मजबूती से जनता के सामने लाया जाएगा और कांग्रेस बारां की जनता के सजग प्रहरी के रूप में कार्य करेगी।
अंत में कांग्रेस जिलाध्यक्ष हंसराज मीणा और बारां जिले के एकमात्र कांग्रेस विधायक प्रमोद जैन भाया, पूर्व जिलाध्यक्ष रामचरण मीणा, पूर्व विधायक पानाचन्द मेघवाल, करणसिंह राठौड और श्रीमती निर्मला सहरिया ने बारां जिले की जनता के प्रति कांग्रेस पार्टी में विश्वास व्यक्त करने के लिए हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने जनता से आह्वान किया कि आने वाले पंचायत चुनावों में इस संदेश को और ज्यादा मजबूती देते हुए कांग्रेस के पक्ष में भारी मतदान कर स्पष्ट संदेश दें।

Rajendra Sharma, Baran
नाम: राजेंद्र शर्मा
वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)
कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर
परिचय
राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
- राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
- राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
- दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
- दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
- दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
- अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।
