बारां। किशनगंज क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले करवरी कलां में सिंचाई परियोजना से उत्पन्न हुई गंभीर समस्याओं और प्रशासनिक उदासीनता के चलते स्थानीय किसानों और ग्रामीणों का धैर्य अब जवाब दे गया है। अपनी जीविका पर मंडरा रहे संकट को लेकर क्षेत्र के किसानों ने आर-पार की लड़ाई का बिगुल फूंक दिया है। इसी क्रम में, समस्याओं पर चर्चा और आगामी रणनीति को अंतिम रूप देने के लिए पंचायत मुख्यालय स्थित प्रसिद्ध बालाजी मंदिर परिसर में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया।

बैठक के दौरान किसानों ने सिंचाई परियोजना के कारण उत्पन्न व्यावहारिक चुनौतियों को प्रमुखता से रखा। ग्रामीणों ने बताया कि बिजली, पानी और सुगम रास्तों के अभाव में उनका जीवन दूभर हो गया है। विशेष रूप से, डूब क्षेत्र के बाहर बची हुई कृषि भूमि तक पहुँचने का रास्ता अवरुद्ध होने से किसान न केवल आर्थिक नुकसान झेल रहे हैं, बल्कि उनके समक्ष अस्तित्व का संकट भी उत्पन्न हो गया है। किसानों का आरोप है कि बार-बार गुहार लगाने के बावजूद सिंचाई विभाग और स्थानीय तहसील प्रशासन की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की गई, जिससे ग्रामीणों में गहरा असंतोष व्याप्त है।

बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि क्षेत्र के किसान सोमवार को जिला मुख्यालय पहुँचेंगे और जिला कलेक्टर को अपनी मांगों का लिखित ज्ञापन सौंपेंगे। किसान प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि ज्ञापन के माध्यम से उठाई गई समस्याओं का त्वरित और स्थायी समाधान नहीं निकाला गया, तो ग्रामीण बड़ा आंदोलन करने के लिए विवश होंगे। ग्रामीणों ने प्रशासन के ढुलमुल रवैये के खिलाफ व्यापक जन-आंदोलन और अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी दी है। इस महत्वपूर्ण बैठक में करवरी कलां, करवरी खुर्द, रामनगर, हथियादह और मोयदा सहित पूरे पंचायत क्षेत्र के किसान प्रतिनिधि, प्रबुद्ध नागरिक और ग्रामीण उपस्थित रहे।

Rajendra Sharma, Baran

Rajendra Sharma, Baran

नाम: राजेंद्र शर्मा

वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)

कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर

परिचय 

राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

  • राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
  • राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
  • दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
  • दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
  • दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
  • अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।

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