भारतीय किसान संघ का हुंकार: खाद वितरण और बकाया भुगतान को लेकर कलेक्टर व एसपी को सौंपा ज्ञापन
बारां में भारतीय किसान संघ ने खाद वितरण और मंडी व्यापारी द्वारा करोड़ों के बकाया भुगतान को लेकर कलेक्टर व एसपी को घेरा। क्या प्रशासन किसानों की मेहनत की कमाई लौटा पाएगा? जानें विस्तार से।

बारां में भारतीय किसान संघ के प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर को विभिन्न मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा।
बारां। भारतीय किसान संघ ने कृषि प्रधान क्षेत्र में व्याप्त बदहाली और किसानों के शोषण के खिलाफ अब आर-पार की लड़ाई का शंखनाद कर दिया है। कृषि उपज मंडी स्थित किसान भवन में जिला अध्यक्ष अमृत मीणा की अध्यक्षता में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक के दौरान संघ ने प्रशासन को कड़ी चेतावनी दी है। बैठक में यूरिया और डीएपी खाद की सुगम उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए इसे सीधे सहकारी समितियों के माध्यम से वितरित करने की पुरजोर मांग उठाई गई। संघ ने साफ शब्दों में कहा कि खाद वितरण में किसी भी प्रकार का 'अटैचमेंट' या अन्य शर्तें किसानों पर अनावश्यक बोझ डालती हैं, जिसे तत्काल बंद किया जाना चाहिए।
बैठक के बाद भारतीय किसान संघ का एक प्रतिनिधिमंडल जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से मिलने पहुंचा। इस दौरान समरानिया कृषि उपज मंडी के एक व्यापारी द्वारा किसानों का एक करोड़ 20 लाख रुपये का भुगतान दबाकर फरार होने का मुद्दा प्रमुखता से छाया रहा। पीड़ित किसानों के साथ पहुंचे पदाधिकारियों ने प्रशासन से मांग की कि आरोपी व्यापारी को अविलंब गिरफ्तार किया जाए। ज्ञात हो कि केलवाड़ा थाने में पहले ही मामला दर्ज कराया जा चुका है। संघ ने यह भी मांग रखी कि आरोपी व्यापारी और उसकी जमानत देने वाली फर्मों की संपत्ति कुर्क कर किसानों का बकाया भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
ज्ञापन के माध्यम से संघ ने कई अन्य ज्वलंत मुद्दों पर भी ध्यान आकृष्ट किया। इसमें आपदा राहत बीमा राशि का लंबित भुगतान, बारां-अटरू तहसील में भूजल योजना के तहत पाइपलाइन और फव्वारा सेट का बकाया भुगतान, तथा खेतों के आम रास्तों पर ग्रेवल रोड का निर्माण शामिल है। संघ ने रास्तों के लिए मिट्टी उठाने पर लगाई गई पाबंदी को भी हटाने की मांग की है ताकि किसान अपने खेतों तक आवागमन सुगम बना सकें। इस अवसर पर प्रान्त अध्यक्ष शंकरलाल नागर, जिला महामंत्री देवकिशन नागर और जिला प्रचार प्रमुख बृजमोहन मेहता सहित अनेक कार्यकर्ता और भुगतान के लिए दर-दर भटक रहे पीड़ित किसान मौजूद थे। प्रशासन को दी गई यह चेतावनी राज्य में कृषि व्यवस्था में सुधार और किसानों के आर्थिक अधिकारों की रक्षा के लिए एक निर्णायक कदम मानी जा रही है।

Rajendra Sharma, Baran
नाम: राजेंद्र शर्मा
वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)
कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर
परिचय
राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
- राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
- राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
- दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
- दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
- दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
- अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।
