शहर के हॉस्पिटल रोड स्थित शिव कॉलोनी में ग्लास व्यापारी सतीश गौड के बंदूक की नोक पर अपहरण कर एक करोड़ रुपये की फिरौती मांगने के सनसनीखेज मामले में प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए वारदात में शामिल एक बदमाश के घर पर पीला पंजा चला दिया। उत्तर प्रदेश की तर्ज पर पहली बार बारां में इस तरह की कार्रवाई ने पूरे शहर का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।

नगर परिषद, जिला प्रशासन और पुलिस के लगभग 150 से अधिक जवानों व कर्मचारियों की तैनाती के बीच इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया। दो जेसीबी मशीनों की मदद से बदमाश के मकान को पूरी तरह धराशायी किया गया। कार्रवाई के दौरान मौके पर बड़ी संख्या में लोग जमा रहे और तब तक टकटकी लगाए देखते रहे, जब तक मकान पूरी तरह नहीं गिरा दिया गया।

नगर परिषद के अधिकारियों के अनुसार यह मकान अतिक्रमित सरकारी भूमि पर बनाया गया था और संबंधित व्यक्ति के पास कोई वैध दस्तावेज नहीं मिले। एडिशनल एसपी राजेश चौधरी ने स्पष्ट किया कि अपहरण कांड में शामिल सैफ अली के इस मकान को इसलिए ध्वस्त किया गया क्योंकि उसने और उसके परिवार ने उक्त स्थान पर अवैध कब्जा कर रखा था।

एडिशनल एसपी राजेश चौधरी ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि बदमाश या तो बदमाशी छोड़ दें या फिर बारां छोड़ दें। उन्होंने दोहराया कि पुलिस किसी भी सूरत में अपराध को बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने बताया कि व्यापारी सतीश गौड के अपहरण कांड में शामिल छह बदमाशों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि एक आरोपी सैफ अली अभी फरार है, जिसे शीघ्र गिरफ्तार कर लिया जाएगा। साथ ही फिरौती की रकम और बदमाशों द्वारा इस्तेमाल किए गए अवैध हथियार की बरामदगी भी जल्द की जाएगी।

एसपी अभिषेक अंदासु के दिशा-निर्देश में की गई इस कार्रवाई के दौरान एडिशनल एसपी राजेश चौधरी के अलावा डीएसपी हरिराम सोनी, आईपीएस भजनलाल और शहर कोतवाल हीरालाल पुनिया सहित भारी पुलिस जाप्ता मौके पर मौजूद रहा।

नगर परिषद के अधिकारियों ने बताया कि उस्मान खान, जो सैफ अली के परिवार का मुखिया है, द्वारा सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा कई वर्षों से किया जा रहा था। उसने 7-8 वर्ष पहले पट्टा बनाने के लिए आवेदन भी किया था, लेकिन भूमि सरकारी होने के कारण पट्टा जारी नहीं किया गया। इस संबंध में उसे कई बार नोटिस दिए गए, बावजूद इसके अतिक्रमण नहीं हटाया गया। अंततः प्रशासन के संज्ञान में मामला आने पर बुधवार को जेसीबी से अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया गया।

यह कार्रवाई बारां में अपराध के खिलाफ प्रशासन के सख्त रुख और कानून व्यवस्था बनाए रखने की दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसने शहर में एक स्पष्ट संदेश दिया है कि अपराध और अवैध कब्जे को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

Rajendra Sharma, Baran

Rajendra Sharma, Baran

नाम: राजेंद्र शर्मा

वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)

कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर

परिचय 

राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

  • राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
  • राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
  • दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
  • दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
  • दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
  • अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।

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