बारां: खेड़िया हनुमान मंदिर में श्रीरामकथा और यज्ञ में उमड़ा भक्तों का जनसैलाब
बारां के बड़वा गांव में 45 डिग्री तापमान के बीच आयोजित श्रीरामकथा और 21 कुंडीय हनुमान यज्ञ के छठे दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।

बारां जिले के बड़वा गांव स्थित खेड़िया हनुमान मंदिर परिसर में आयोजित श्रीरामकथा के छठे दिन व्यासपीठ से कथा वाचन करते पूज्य श्यामजी महाराज और उपस्थित श्रद्धालु जनसैलाब।
बारां जिले में भीषण गर्मी और 45 डिग्री तापमान के बीच धार्मिक आस्था का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। जिला मुख्यालय के समीप गांव बड़वा स्थित खेड़िया हनुमान मंदिर परिसर में आयोजित श्रीरामकथा और 21 कुंडीय हनुमान यज्ञ में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। तपती धूप और झुलसाने वाली गर्मी भी भक्तों के उत्साह को कम नहीं कर सकी।
महामंडलेश्वर सर्वेश्वरदास त्यागी महाराज के सानिध्य में चल रहे इस धार्मिक आयोजन के छठे दिन कथा पंडाल श्रद्धालुओं की भीड़ के आगे छोटा पड़ गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पंडाल के बाहर खड़े होकर पूज्य श्यामजी महाराज की श्रीरामकथा का श्रवण किया और कथा रस का आनंद लिया।
व्यासपीठ से कथा वाचन करते हुए श्यामजी महाराज ने कहा कि रामकथा पूरे समाज को जोड़ने वाली विधा है। उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम ने सेतु निर्माण के माध्यम से देश को जोड़ने का कार्य किया। महलों और जंगलों के माध्यम से रागी-बैरागी को जोड़ा तथा भेदभाव समाप्त कर वनवासियों को गले लगाया। संतों ने संदेश दिया कि वर्तमान समय में सामाजिक कुरीतियों रूपी रावणों का मुकाबला करने के लिए सनातन समाज का एकजुट होना आवश्यक है।
कथा में कैलाश जी अनाड़ी, रामगोपाल, चन्द्रमोलेश्वर और आचार्य परमानंद सहित अनेक संत उपस्थित रहे। रविवार को मुख्य यजमान के रूप में सुनील मालव ने भाग लिया।
समिति अध्यक्ष बाबूलाल मालव ने बताया कि इस भव्य धार्मिक अनुष्ठान की पूर्णाहुति सोमवार को महायज्ञ की अंतिम आहुतियों के साथ होगी। आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह बना हुआ है और बड़ी संख्या में भक्तों के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।

Rajendra Sharma, Baran
नाम: राजेंद्र शर्मा
वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)
कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर
परिचय
राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
- राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
- राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
- दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
- दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
- दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
- अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।
