बारां में खाटू श्याम कथा शुरू, कलश और निशान यात्रा में उमड़े श्रद्धालु
नामदेव छीपा महिला मंडल के तत्वाधान में आयोजित तीन दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान के पहले दिन पंडित अभिषेक शर्मा ने बर्बरीक जन्मोत्सव का प्रसंग सुनाया।

बारां के अंबेडकर चौराहा स्थित नामदेव भवन की ओर जाती कलश यात्रा में सिर पर कलश व निशान सामग्री धारण कर चलते श्रद्धालु, जहां शुक्रवार को तीन दिवसीय खाटू श्याम कथा के प्रथम दिन भारी संख्या में महिलाओं और पुरुषों ने भाग लिया।
राजस्थान के बारां जिला मुख्यालय पर श्रद्धा और भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला, जहां नामदेव छीपा महिला मंडल के तत्वाधान में तीन दिवसीय खाटू श्याम कथा का भव्य शुभारंभ हुआ। इस धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन स्थानीय नामदेव भवन, अंबेडकर चौराहा, बारां में किया जा रहा है। आयोजन की शुरुआत से ही संपूर्ण क्षेत्र खाटू नरेश के जयकारों से गुंजायमान हो उठा है, जिसने क्षेत्र के धार्मिक वातावरण को और अधिक जीवंत बना दिया है।
कार्यक्रम के विस्तृत विवरण की जानकारी देते हुए नामदेव समाज की प्रांतीय महिला अध्यक्ष गायत्री नामा ने बताया कि शुक्रवार को प्रातः करीब 9 बजे भव्य कलश यात्रा एवं निशान यात्रा का आयोजन किया गया। यह मंगल कलश व निशान यात्रा नगर के सुप्रसिद्ध श्री कल्याण राय जी के मंदिर से अत्यंत हर्षोल्लास के साथ प्रारंभ हुई। मार्ग में श्रद्धालुओं के उत्साह और श्रद्धा का सैलाब उमड़ पड़ा। यह शोभायात्रा मुख्य मार्गों से होते हुए अंबेडकर चौराहा स्थित नामदेव भवन पहुंची, जहां इसका भव्य स्वागत किया गया।
इसके पश्चात, दोपहर 2 बजे से कथा के प्रथम दिवस का विधिवत शुभारंभ हुआ। कोटा से पधारे सुप्रसिद्ध कथाव्यास पंडित अभिषेक शर्मा ने अपनी सुमधुर वाणी से खाटूश्याम कथा का वाचन किया। पंडित अभिषेक शर्मा ने प्रथम दिवस की कथा के दौरान अत्यंत मार्मिक और सजीव चित्रण प्रस्तुत किया, जिसमें उन्होंने बताया कि जब पृथ्वी पर अत्याचार बढ़े तो पृथ्वी की पुकार सुनकर भगवान विष्णु ने किस प्रकार धरा पर अवतार लिया। इसके साथ ही कथाव्यास ने द्रौपदी स्वयंवर के प्रसंग और बर्बरीक के दिव्य जन्मोत्सव का वृत्तांत सुनाकर पंडाल में उपस्थित सभी श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। कथा के दौरान प्रस्तुत किए गए भजनों की सुमधुर लहरियों पर श्रद्धालु स्वयं को रोक नहीं पाए और झूमते हुए नाचने पर मजबूर हो गए।
इस भव्य धार्मिक आयोजन और कलश यात्रा के दौरान समाज के कई प्रतिष्ठित पदाधिकारी, गणमान्य नागरिक और मातृशक्ति मुख्य रूप से उपस्थित रहे। मौजूद रहने वाले प्रमुख लोगों में पूर्व महिला जिलाध्यक्ष सावित्री तोनगरिया, महिला पंचायत अध्यक्ष शीला बघेरवाल, मंजू बघेरवाल, दीपा मालिया, मधु सांखला, यशवंत पटवा, लोकेश नामा और हरिओम पीलिया समेत भारी संख्या में श्रद्धालु शामिल थे। इस तीन दिवसीय धार्मिक आयोजन ने बारां शहर में भक्ति की एक नई अलख जगा दी है, जिसकी महक आगामी दिनों तक संपूर्ण क्षेत्र को सराबोर रखेगी।

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