बारां में शनिदेव भगवान के जन्मोत्सव और शनैश्चरी अमावस्या के पावन अवसर पर न्याय की एक अनोखी गुहार देखने को मिली। 13 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद बने इस दुर्लभ महासंयोग के बीच काठियाबाबा आश्रम के संरक्षक संत आचार्य परमानंद ने उन पर हुए जानलेवा हमले के मामले में न्याय नहीं मिलने पर भगवान शनिदेव की शरण ली।

शनैश्चरी अमावस्या के विशेष अवसर पर शनिदेव के दरबार में विशेष पूजन, वंदन और हवन का आयोजन किया गया। धार्मिक अनुष्ठान के दौरान आचार्य परमानंद ने भगवान शनिदेव से प्रार्थना करते हुए कहा कि जिस किसी ने गहरी साजिश रचकर हमलावरों को भेजा और इस जानलेवा वारदात को अंजाम दिलवाया, उस मुख्य साजिशकर्ता मास्टरमाइंड और उसके सहयोगियों को कड़ी से कड़ी सजा मिले।

काठियाबाबा आश्रम के संरक्षक संत ने न्याय के देवता से गुहार लगाते हुए कहा कि इंसानी कानून की ढिलाई के बाद अब भगवान के इंसाफ का ही अंतिम सहारा बचा है। उन्होंने प्रार्थना की कि दोषियों को उनके कर्मों का दंड मिले और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

धार्मिक अनुष्ठान के दौरान केवल दोषियों को दंडित करने की ही नहीं, बल्कि संपूर्ण बारां क्षेत्र की सुख-शांति और स्वजनों के अमन-चैन के लिए भी विशेष प्रार्थना की गई। भगवान शनिदेव से कामना की गई कि भविष्य में किसी भी धार्मिक स्थल या संत पर इस तरह की कायराना हरकत दोबारा न हो तथा समाज में ऐसी समुचित और सुरक्षित व्यवस्था बने, जिससे हर नागरिक स्वयं को सुरक्षित महसूस कर सके।

शनैश्चरी अमावस्या के दिन न्याय की इस अनोखी गुहार और धार्मिक अनुष्ठान की चर्चा पूरे क्षेत्र में कौतूहल और श्रद्धा का विषय बनी रही। काठियाबाबा आश्रम में आयोजित इस विशेष प्रार्थना ने धार्मिक आस्था, न्याय की उम्मीद और सामाजिक सुरक्षा के सवाल को एक साथ केंद्र में ला दिया।

Rajendra Sharma, Baran

Rajendra Sharma, Baran

नाम: राजेंद्र शर्मा

वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)

कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर

परिचय 

राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

  • राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
  • राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
  • दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
  • दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
  • दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
  • अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।

Next Story