कथा वाचक का संदेश और भागवत महिमा

मंगलवार को प्रथम दिन कथा वाचक वैष्णव आचार्य पंडित मुकुट बिहारी शास्त्री ने कहा:

"भागवत सब ग्रंथन का सार है, जिसका श्रवण मात्र से मनुष्य जीवन को परम शांति प्राप्त होती है। अर्थ धर्म काम मोक्ष की प्राप्ति होती है।"

उन्होंने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा एक कल्पवृक्ष की तरह है जिसके सुनने से हमारे पितृ प्रसन्न होते हैं। कथा के दौरान ज्ञान वैराग्य धुंधकारी का व्याख्यान सुनाते हुए कहा:

"मनुष्य धन पद से महान नहीं होता। मनुष्य अपने सत्कर्मों से महान होता है। इसलिए हमेशा सत्कर्म करो।"

इधर-उधर फालतू बातों को छोड़कर अगर ईश्वर का चिंतन करोगे तो जगत की चिताओं से मुक्त हो जाओगे। हरि नाम जप ईश्वर का भजन ही जगत में सत्य है और संसार मिथ्या है।

उपस्थित श्रद्धालु और व्यवस्था

पटेल जगदीश मीणा ने बताया कि प्रथम दिन कथा सुनने आसपास से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। श्रीमद् भागवत कथा एक कल्पवृक्ष की तरह है जिसके सुनने से हमारे पितृ प्रसन्न होते हैं। इस अवसर पर निम्नलिखित लोग उपस्थित रहे:

  • रामगोपाल, बाबूलाल, हीरालाल
  • रामगोपाल गुर्जर, बटी मीणा
  • पटेल जगदीश मीणा, राधेश्याम मीणा सोकदा
  • आसपास से बड़ी संख्या में श्रद्धालु
Pratahkal Bureau

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