कथा वाचक का संदेश और भागवत महिमा

मंगलवार को प्रथम दिन कथा वाचक वैष्णव आचार्य पंडित मुकुट बिहारी शास्त्री ने कहा:

"भागवत सब ग्रंथन का सार है, जिसका श्रवण मात्र से मनुष्य जीवन को परम शांति प्राप्त होती है। अर्थ धर्म काम मोक्ष की प्राप्ति होती है।"

उन्होंने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा एक कल्पवृक्ष की तरह है जिसके सुनने से हमारे पितृ प्रसन्न होते हैं। कथा के दौरान ज्ञान वैराग्य धुंधकारी का व्याख्यान सुनाते हुए कहा:

"मनुष्य धन पद से महान नहीं होता। मनुष्य अपने सत्कर्मों से महान होता है। इसलिए हमेशा सत्कर्म करो।"

इधर-उधर फालतू बातों को छोड़कर अगर ईश्वर का चिंतन करोगे तो जगत की चिताओं से मुक्त हो जाओगे। हरि नाम जप ईश्वर का भजन ही जगत में सत्य है और संसार मिथ्या है।

उपस्थित श्रद्धालु और व्यवस्था

पटेल जगदीश मीणा ने बताया कि प्रथम दिन कथा सुनने आसपास से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। श्रीमद् भागवत कथा एक कल्पवृक्ष की तरह है जिसके सुनने से हमारे पितृ प्रसन्न होते हैं। इस अवसर पर निम्नलिखित लोग उपस्थित रहे:

  • रामगोपाल, बाबूलाल, हीरालाल
  • रामगोपाल गुर्जर, बटी मीणा
  • पटेल जगदीश मीणा, राधेश्याम मीणा सोकदा
  • आसपास से बड़ी संख्या में श्रद्धालु
Rajendra Sharma, Baran

Rajendra Sharma, Baran

नाम: राजेंद्र शर्मा

वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)

कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर

परिचय 

राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

  • राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
  • राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
  • दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
  • दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
  • दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
  • अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।

Next Story