बारां। क्षेत्र में लगातार कम वर्षा के चलते किसानों की खरीफ फसलें सूखने की कगार पर पहुंच गई हैं। किसानों की इस गंभीर स्थिति को देखते हुए अन्ता विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रमोद जैन भाया ने चम्बल कमाण्ड क्षेत्र विकास (सीएडी), कोटा के संभागीय आयुक्त को पत्र लिखकर मुख्य नहर में जल प्रवाह (डिस्चार्ज) तत्काल बढ़ाने की मांग की है।

विधायक प्रमोद जैन भाया ने अपने पत्र में बताया कि वर्तमान में विभाग की ओर से मुख्य नहर में पानी छोड़ा गया है, लेकिन जल स्तर एवं डिस्चार्ज पर्याप्त नहीं होने के कारण अधिकांश माइनरों तथा उनके अंतिम छोर तक सिंचाई जल नहीं पहुंच पा रहा है। इसके कारण बड़ी संख्या में किसान अपनी फसलों की आवश्यक सिंचाई से वंचित हो रहे हैं और उनकी मेहनत पर संकट मंडरा रहा है।

उन्होंने कहा कि इस वर्ष सामान्य से अत्यंत कम वर्षा होने के कारण कृषि पूरी तरह सिंचाई पर निर्भर हो गई है। यदि समय रहते मुख्य नहर में पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं छोड़ा गया तो हजारों किसानों की खरीफ फसलें नष्ट होने की आशंका है। इससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है और क्षेत्र की कृषि व्यवस्था भी प्रभावित हो सकती है।

विधायक प्रमोद जैन भाया ने चम्बल कमाण्ड क्षेत्र विकास (सीएडी), कोटा के संभागीय आयुक्त से किसानों की वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए मानवीय एवं व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाने का आग्रह किया है। उन्होंने मुख्य नहर में तत्काल प्रभाव से जल प्रवाह बढ़ाने तथा पर्याप्त मात्रा में पानी छोड़े जाने के निर्देश जारी करने की मांग की है, ताकि सभी माइनरों के अंतिम छोर तक सिंचाई जल पहुंच सके और किसान समय पर अपनी फसलों की सिंचाई कर उन्हें बचा सकें।

भाया ने विश्वास व्यक्त किया कि किसानों के व्यापक हित और वर्तमान परिस्थितियों की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेकर आवश्यक कार्रवाई करेगा, जिससे क्षेत्र के किसानों को राहत मिल सके और उनकी खड़ी फसलें सुरक्षित रह सकें।

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