बाराँ से शेरगढ़ विरासत यात्रा को हरी झंडी, इतिहास और संस्कृति से रूबरू होंगे युवा
बाराँ से शेरगढ़ विरासत यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। यात्रा का उद्देश्य युवाओं को इतिहास और विरासत से जोड़ना है।

तस्वीर में बारां में आयोजित विरासत यात्रा के दौरान श्रीराम जानकी मंदिर के पास वाहन पर 'INTACH Baran-Chapter' का बैनर और हरी झंडी थामे लोग नजर आ रहे हैं।
बाराँ में रविवार को भारतीय सांस्कृतिक निधि (INTACH) वराह नगरी बाराँ अध्याय एवं लॉयंस क्लब बाराँ श्रीजी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित “हेरिटेज वॉक” एवं “बाराँ से शेरगढ़ विरासत यात्रा” का शुभारंभ हुआ। श्रीराम जानकी मंदिर, झालावाड़ रोड बाराँ से शुरू हुई विरासत यात्रा को प्रातः 9 बजे INTACH एडवाइजरी कमेटी के चेयरमैन श्री विष्णु कुमार साबू एवं वरिष्ठ सदस्य श्री ओम प्रकाश शर्मा ने हरी झंडी दिखाकर शेरगढ़ के लिए रवाना किया।
INTACH बाराँ चैप्टर के कन्वीनर जितेन्द्र कुमार शर्मा ने बताया कि यात्रा का उद्देश्य बाराँ जिले की समृद्ध ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक विरासत से आमजन, युवाओं और नई पीढ़ी को परिचित कराना तथा विरासत संरक्षण के प्रति जागरूकता पैदा करना है। यात्रा में बड़ी संख्या में इतिहास, संस्कृति एवं विरासत प्रेमियों ने भाग लिया।
INTACH एडवाइजरी कमेटी के चेयरमैन विष्णु कुमार साबू ने कहा कि शेरगढ़ केवल एक ऐतिहासिक किला नहीं, बल्कि राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक एवं स्थापत्य विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र है। ऐसे विरासत स्थलों तक लोगों को ले जाना और उनके इतिहास से रूबरू कराना INTACH का महत्वपूर्ण उद्देश्य है।
उन्होंने कहा कि “विरासत केवल पत्थरों और इमारतों का नाम नहीं है, बल्कि यह हमारी पहचान, हमारी स्मृतियों और हमारी आने वाली पीढ़ियों की धरोहर है। इसे संरक्षित करना सरकार के साथ-साथ समाज की भी सामूहिक जिम्मेदारी है।” उन्होंने युवाओं से विशेष रूप से आग्रह किया कि वे अपने क्षेत्र के ऐतिहासिक स्थलों को जाने ताकि हम अपने इतिहास को याद रख सके।
कार्यक्रम में INTACH बाराँ चैप्टर, लॉयंस क्लब बाराँ श्री जी के पदाधिकारियों एवं सदस्यों सहित शहर के इतिहास एवं संस्कृति प्रेमी नागरिकों ने सहभागिता की। विरासत यात्रा के माध्यम से बाराँ की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहर को नई पीढ़ी से जोड़ने और उसके संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया गया।

Rajendra Sharma, Baran
नाम: राजेंद्र शर्मा
वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)
कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर
परिचय
राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
- राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
- राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
- दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
- दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
- दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
- अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।
