बारां: विश्व विरासत दिवस पर ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण हेतु संगोष्ठी आयोजित
होटल फेडरेशन और इंटैक के तत्वावधान में आयोजित संगोष्ठी में वक्ताओं ने पर्यटन विकास और स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए विरासत संरक्षण को अनिवार्य बताया।

बारां के शुभम रिसोर्ट में आयोजित संगोष्ठी के दौरान मंच पर मंचासीन मुख्य अतिथि संदीप सिंह जादौन, विशिष्ट अतिथि रामदास शर्मा, हरिओम अग्रवाल एवं अन्य गणमान्य नागरिक।
बारां। विश्व विरासत दिवस के गरिमामयी अवसर पर राजस्थान की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण का संकल्प दोहराया गया। होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान, बारां एवं इंटैक (INTACH) बारां चैप्टर के संयुक्त तत्वावधान में झालावाड़ रोड स्थित शुभम रिसोर्ट में "बारां जिले की विरासतें और हमारे प्रयास" विषय पर एक दिवसीय संगोष्ठी का सफल आयोजन हुआ। इस बौद्धिक मंथन में वक्ताओं ने विरासत संरक्षण को पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए सामूहिक उत्तरदायित्व पर बल दिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संदीप सिंह जादौन (सहायक प्रशासनिक अधिकारी, कला, संस्कृति, पुरातत्त्व एवं संग्रहालय विभाग, बारां) ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि बारां की ऐतिहासिक धरोहरें न केवल जिले की विशिष्ट पहचान हैं, बल्कि इनके संरक्षण के लिए प्रशासन, स्वयंसेवी संस्थाओं और समाज के बीच समन्वय स्थापित करना अनिवार्य है। उन्होंने रेखांकित किया कि विरासत का रक्षण सीधे तौर पर पर्यटन को बढ़ावा देता है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था सुदृढ़ होती है। विशिष्ट अतिथि रामदास शर्मा (को-कन्वीनर, इंटैक) ने संस्था की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इंटैक विगत कई वर्षों से शोध, प्रलेखन और जन-जागरूकता के माध्यम से सांस्कृतिक मूल्यों को सहेजने का कार्य कर रहा है, जिसमें स्थानीय नागरिकों की सहभागिता सर्वोपरि है।
संगोष्ठी को संबोधित करते हुए होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान, बारां के अध्यक्ष हरिओम अग्रवाल ने कहा कि पर्यटन, होटल उद्योग और विरासत संरक्षण एक-दूसरे के पूरक अंग हैं। इन विरासतों के संरक्षण से न केवल रोजगार के नवीन अवसर सृजित होते हैं, बल्कि क्षेत्र का सर्वांगीण विकास भी सुनिश्चित होता है। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के अतिरिक्त निदेशक योगेन्द्र कुमार शर्मा ने मीडिया और जनसंपर्क की महत्ता बताते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों के माध्यम से संरक्षण के संदेश को जन-जन तक पहुँचाया जाना चाहिए ताकि प्रत्येक नागरिक इस संरक्षण आंदोलन का हिस्सा बन सके।
कार्यक्रम का कुशल संचालन इंटैक बारां चैप्टर के कन्वीनर जितेन्द्र कुमार शर्मा द्वारा किया गया, जिन्होंने संगोष्ठी के उद्देश्यों को रेखांकित करते हुए समाज में विरासत के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने को समय की मुख्य आवश्यकता बताया। इस अवसर पर क्षेत्र के प्रबुद्धजन, सामाजिक कार्यकर्ता और पर्यटन एवं होटल व्यवसाय से जुड़े प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। संगोष्ठी का समापन ऐतिहासिक धरोहरों को अक्षुण्ण रखने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ और अंत में हरिओम अग्रवाल द्वारा सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया गया।

Rajendra Sharma, Baran
नाम: राजेंद्र शर्मा
वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)
कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर
परिचय
राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
- राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
- राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
- दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
- दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
- दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
- अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।
