बारां: हथियादह सिंचाई परियोजना से प्रभावित ग्रामीणों ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
बारां के किशनगंज में हथियादह सिंचाई परियोजना से करवरीकलां के ग्रामीण बेहाल हैं। रास्तों की बंदी, भूमि विवाद और मुआवजे जैसी समस्याओं को लेकर ग्रामीणों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। क्या प्रशासन समय रहते इस संकट का समाधान निकाल पाएगा?

तस्वीर में करवरीकलां के ग्रामीण अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर बारां जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए।
बारां। किशनगंज क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत करवरीकलां के ग्रामीणों ने हथियादह मध्यम सिंचाई परियोजना से उत्पन्न विकट समस्याओं को लेकर जिला कलेक्टर के समक्ष अपनी व्यथा रखी है। कांग्रेस के राजीव गांधी पंचायत राज संगठन के प्रदेश सचिव लेखराज शर्मा के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने एक ज्ञापन सौंपते हुए प्रशासन से परियोजना से प्रभावित मूलभूत सुविधाओं और किसानों के हितों के संरक्षण के लिए तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
ज्ञापन के माध्यम से ग्रामीणों ने मुख्य रूप से डूब क्षेत्र के ऊपरी हिस्से में स्थित अपनी कृषि भूमि तक पहुँचने के लिए रास्ता बंद होने की समस्या को प्रमुखता से उठाया है। ग्रामीणों का कहना है कि परियोजना की सीमाओं और जल भराव के कारण पारंपरिक मार्ग अवरुद्ध हो गए हैं, जिससे किसान अपनी ही भूमि पर खेती करने में असमर्थ हैं। इतना ही नहीं, मवेशियों के विचरण के लिए भी कोई वैकल्पिक मार्ग शेष नहीं बचा है, जिससे पशुपालन पर सीधा संकट उत्पन्न हो गया है।
ग्रामीणों ने अपनी 40 से 50 वर्ष पुरानी बस्तियों, जिनमें मुस्लिम आबादी, बैरवा बस्ती और सहरिया बस्ती शामिल हैं, के तत्काल सर्वेक्षण और उन्हें राजस्व रिकॉर्ड में आबादी क्षेत्र घोषित कर पट्टे जारी करने की पुरजोर मांग की है। इसके अतिरिक्त, राजस्व विभाग की टीम गठित कर करवरीखुर्द की कृषि भूमि की पुन: तरमीम और नक्शा शुद्धिकरण की आवश्यकता जताई गई है, ताकि किसानों को उनकी भूमि का वैध मालिकाना हक मिल सके।
ज्ञापन में श्मशान घाट और कब्रिस्तान के लिए सुरक्षित पहुँच सुनिश्चित करने अथवा डूब क्षेत्र में आने की स्थिति में वैकल्पिक भूमि आवंटित कर चारदीवारी के निर्माण का भी आग्रह किया गया है। साथ ही, मृत खाताधारकों के आश्रितों के लिए वारिसान प्रक्रिया को शीघ्र निस्तारित करते हुए मुआवजे के चेक वितरित करने की मांग की गई है। इस अवसर पर सरपंच विजय सिंह अहेडी सहित मानसिंह खैरवा, दिनेश गुर्जर, आरिफ पठान, इमरान अली, ललित गुर्जर, गौरव, महावीर गुर्जर, रामरूप मीणा, सोनू खान, हसन मोहम्मद, जहीर मोहम्मद, राधेश्याम सहरिया, घनश्याम सहरिया, हेमराज खैरवा, गोविंद खैरवा, बीरबल बंजारा, कप्तान बंजारा, बलवीर, सुरेश गुर्जर, महावीर भाटी, घनश्याम गुर्जर, मुकेश बैरवा, शरीफ मोहम्मद, रामचरण गुर्जर और भागो बाई, बिलकिस सहित दर्जनों महिलाएं उपस्थित रहीं। प्रशासन द्वारा इस ज्ञापन पर त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है, जिस पर क्षेत्रवासियों की नजरें टिकी हुई हैं।

Rajendra Sharma, Baran
नाम: राजेंद्र शर्मा
वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)
कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर
परिचय
राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
- राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
- राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
- दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
- दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
- दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
- अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।
