बारां: ग्राम रथ अभियान के जरिए सरकारी योजनाओं का सघन प्रचार-प्रसार
जिले की चारों विधानसभा क्षेत्रों में मोबाइल वैन और नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से आमजन को जनकल्याणकारी योजनाओं एवं आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी दी जा रही है।

बारां जिले में ग्राम रथ अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित लोग सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों की जानकारी प्राप्त करते हुए।
राजेंद्र ऊ, बारां। प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों की विस्तृत जानकारी आमजन तक पहुंचाने के संकल्प के साथ बारां जिले में 'ग्राम रथ अभियान' पूरी गति से संचालित किया जा रहा है। मंगलवार को इस अभियान के तहत जिले के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में व्यापक जन-जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें आधुनिक तकनीक और पारंपरिक कलाओं के संगम से सरकारी योजनाओं का संदेश घर-घर पहुंचाया गया।
मंगलवार को विधानसभा क्षेत्र अंता के मियाड़ा, कोयला, रेबारपुरा, उल्थी, कोटडीसूण्ड़ा व तिसाया; बारां-अटरू क्षेत्र के रीछन्दा, किशनपुरा, कनोटिया, बडौरा व शेरगढ़ तथा किशनगंज के देवरी, बीलखेड़ा डांग एवं बीलखेड़ा माल में ग्राम रथों के माध्यम से सघन प्रचार-प्रसार किया गया। इन कार्यक्रमों में ऑडियो-वीडियो प्रदर्शन और नुक्कड़ नाटकों के प्रभावशाली माध्यम से जनता को सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक किया गया। जिले के चारों विधानसभा क्षेत्रों में भ्रमण कर रही इन मोबाइल वैन की एलईडी स्क्रीन पर किसानों को कृषि की नवीन तकनीकों और उन्नत पद्धतियों का व्यवहारिक ज्ञान दिया जा रहा है। साथ ही, मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के विशेष संदेशों को प्रसारित कर जनता के साथ सीधा संवाद स्थापित किया जा रहा है। संध्या काल में लोक कलाकारों द्वारा आयोजित 'संध्या चौपाल' में गीतों और नाटकों के जरिए योजनाओं को रोचक ढंग से प्रस्तुत किया जा रहा है, जबकि रथों पर रखी गई सुझाव पेटिकाएं ग्रामीणों की आकांक्षाओं और सुझावों को संकलित करने का माध्यम बन रही हैं।
अभियान की सफलता का प्रत्यक्ष प्रमाण अटरू पंचायत समिति के दिलोद हाथी गांव में देखने को मिला, जहां तारबंदी योजना से एक कृषक के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आया। लाभार्थी नवल पुत्र प्रहलाद नागर ने बताया कि जंगली जानवरों और आवारा पशुओं द्वारा फसल नष्ट किए जाने से वह लंबे समय से परेशान थे, किंतु आर्थिक तंगी के कारण खेत की तारबंदी कराने में असमर्थ थे। ग्राम रथ अभियान के दौरान कृषि पर्यवेक्षक धर्मराज धाकड़ ने उन्हें सरकारी अनुदान की जानकारी दी, जिसके बाद नवल ने ई-मित्र के माध्यम से आवेदन किया। अटरू विकास अधिकारी राहुल कुमार बैरवा, सहायक कृषि अधिकारी दिलीप नागर और कृषि पर्यवेक्षक धर्मराज धाकड़ की त्वरित कार्यवाही से किसान को 1 लाख 20 हजार रुपये के अनुदान की प्रशासनिक स्वीकृति प्राप्त हुई। इस सहायता ने किसान की वर्षों पुरानी समस्या का समाधान कर दिया, जिससे उनके चेहरे पर खुशी की लहर दौड़ गई।
अभियान के अगले चरण में बुधवार को विधानसभा क्षेत्र अंता के रैबारपुरा कोयला; बारां-अटरू के कवाई व मुकुंदपुरा; किशनगंज के रानीबड़ौद तथा छबड़ा क्षेत्र के सेवनखेड़ी, बटावदापार एवं मानपुरा में ग्राम रथों द्वारा जन-जागरूकता कार्यक्रमों का संचालन किया जाएगा। यह अभियान न केवल सूचनाओं का प्रसार कर रहा है, बल्कि सरकारी तंत्र और आमजन के बीच की दूरी को पाटकर अंतिम छोर के व्यक्ति को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रभावी कार्य कर रहा है।

