बारां: राजकीय अभियांत्रिकी महाविद्यालय के डा. प्रभात महावर को पीएचडी की उपाधि
आरटीयू कोटा से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में पीएचडी प्राप्त करने पर महाविद्यालय में हर्ष, डा. प्रभात महावर को मिली बड़ी उपलब्धि।

तस्वीर में पीएचडी की उपाधि प्राप्त करने के बाद डा. प्रभात महावर अपने मार्गदर्शक डा. पंकज शर्मा के साथ नजर आ रहे हैं।
बारां। शिक्षा और नवाचार के क्षेत्र में बारां जिले ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। राजकीय अभियांत्रिकी महाविद्यालय, बारां में कार्यरत अतिथि व्याख्याता डा. प्रभात महावर को राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय (आरटीयू), कोटा द्वारा पीएचडी की उपाधि से सम्मानित किया गया है। यह उपलब्धि न केवल डा. महावर के समर्पण का प्रमाण है, बल्कि क्षेत्रीय इंजीनियरिंग शिक्षण और अनुसंधान के लिए भी एक गौरवपूर्ण क्षण है।
डा. प्रभात महावर ने अपना शोध कार्य 'एक्सपेरिमेंटल मोडल एनालिसिस ऑफ मेटल कंपोजिट नॉन-प्रिजमैटिक बीम यूजिंग लेजर वाइब्रोमीटर' विषय पर पूर्ण किया है। अपने इस गहन शोध में उन्होंने लेजर वाइब्रोमीटर जैसी आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए धातु समग्र नॉन-प्रिजमैटिक बीम के गतिशील व्यवहार और उनकी कंपन विशेषताओं का सूक्ष्मता से विश्लेषण किया है। डा. महावर ने यह शोध कार्य आरटीयू कोटा के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डा. पंकज शर्मा के कुशल मार्गदर्शन में संपन्न किया है। इस शोध के निष्कर्ष विशेष रूप से संरचनात्मक स्वास्थ्य निगरानी, उन्नत इंजीनियरिंग डिजाइन और कंपन विश्लेषण के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित हो सकते हैं, जो भविष्य में तकनीक के अनुप्रयोगों को नई दिशा प्रदान करेंगे।
इस शैक्षणिक सफलता पर महाविद्यालय परिवार में हर्ष का माहौल है। महाविद्यालय के प्राचार्य डा. एसके शर्मा ने डा. प्रभात महावर को बधाई देते हुए इसे उनकी वर्षों की कठिन मेहनत, अटूट प्रतिबद्धता और शोध के प्रति जुनून का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि डा. महावर की यह उपलब्धि न केवल उनके करियर का एक महत्वपूर्ण सोपान है, बल्कि यह जिले के युवा शोधार्थियों और विद्यार्थियों के लिए अनुसंधान के क्षेत्र में नवाचार करने हेतु एक बड़ी प्रेरणा का कार्य करेगी। महाविद्यालय के अन्य संकाय सदस्यों और कर्मचारियों ने भी डा. महावर के उज्ज्वल भविष्य और उनकी आगामी शोध यात्राओं के लिए मंगलकामनाएं प्रेषित की हैं।

