बारां: गौसेवकों ने हनुमान चालीसा का पाठ कर मिनी सचिवालय घेराव स्थगित किया
प्रशासन द्वारा गौशाला भूमि, एम्बुलेंस और अन्य मांगें स्वीकार करने के बाद बारां में हिंदू संगठनों ने आंदोलन वापस लेने का निर्णय लिया।

बारां के मनिहारा महादेव मंदिर में प्रशासन द्वारा गौवंश सुरक्षा संबंधी मांगें मानने पर हनुमान चालीसा पाठ कर आभार व्यक्त करते गौसेवक और हिंदू संगठनों के प्रतिनिधि।
व्यापारियों एवं हिंदू संगठनों का धन्यवाद
आंदोलन के दौरान बारां बंद के आह्वान पर व्यापारियों द्वारा अपने प्रतिष्ठान पूर्ण रूप से बंद रखे जाने पर गौसेवकों ने उनका विशेष धन्यवाद ज्ञापित किया। साथ ही इसमें शामिल सहयोगियों का भी आभार जताया गया:
- सर्व हिंदू समाज
- विभिन्न हिंदू संगठन
- गौसेवक संगठन
- जनप्रतिनिधि
प्रशासनिक निर्णय और घेराव स्थगन
प्रशासन द्वारा गौशाला के लिए भूमि आवंटन, गौ एंबुलेंस के लिए विधायक मद से 15 लाख रुपए की स्वीकृति, निष्पक्ष जांच, शवदाह गृह निर्माण और डंपिंग यार्ड को शहर से बाहर स्थानांतरित करने और कोतवाली सीआई योगेश चैहान को लाइन हाजिर करने के बाद गौसेवकों ने आगामी 20 फरवरी को प्रस्तावित मिनी सचिवालय घेराव कार्यक्रम को स्थगित करने का निर्णय लिया।
प्रमुख मांगें जो स्वीकार की गईं
आंदोलन की मुख्य मांगों में निम्नलिखित बिंदु शामिल हैं:
- गौशाला के लिए भूमि आवंटन।
- गौ एंबुलेंस के लिए विधायक मद से 15 लाख रुपए की स्वीकृति।
- गौवंश के कटा धड़ मिलने की निष्पक्ष जांच।
- मृत गौवंश के सम्मानजनक अंतिम संस्कार के लिए शवदाह गृह निर्माण।
- शहर से डंपिंग यार्ड को बाहर स्थानांतरित करना।
गौसेवा का संकल्प
इस अवसर पर सामूहिक रूप से प्रार्थना की गई:
"समाज में गौसेवा की भावना निरंतर बनी रहे और गौमाता की सेवा में लगे सभी लोगों पर सदैव कृपा बनी रहे।"
प्रशासन द्वारा प्रमुख मांगें मानने के बाद गौसेवकों ने मनिहारा महादेव मंदिर में हनुमान चालीसा पाठ कर आभार व्यक्त किया।

Rajendra Sharma, Baran
नाम: राजेंद्र शर्मा
वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)
कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर
परिचय
राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
- राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
- राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
- दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
- दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
- दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
- अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।
